दीपोत्सव की लौ में धुंधलाती कुम्हार की उम्मीदें: बाजारवाद की चकाचौंध में बुझते मिट्टी के दीये
जालौन के कुम्हारों का कहना है कि बदलती पसंद और घटती बिक्री से उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। इलेक्ट्रिक चाक खराब होने के बाद राधाचरण प्रजापति को इसे अपने खर्च पर ठीक कराना पड़ा।
पूरी खबर पढ़ें →