करवाचौथ को लेकर रूरा के बाजारों में रौनक, 50 से 150 रुपये तक बिक रहे करवे
कानपुर देहात के रूरा कस्बे में करवाचौथ से पहले बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। कुम्हार घर-घर जाकर करवे बेच रहे हैं, वहीं ब्यूटी पार्लरों में मेकअप, हेयर स्टाइल और मेहंदी के लिए बुकिंग बढ़ी है।
करवाचौथ पर्व को लेकर रूरा कस्बे में बाजारों की रौनक बढ़ गई है। पर्व की तैयारियों में जुटी महिलाएं पूजा के लिए करवा और अन्य जरूरी सामान खरीद रही हैं। दूसरी ओर, ब्यूटी पार्लरों में भी मेकअप, हेयर स्टाइल और मेहंदी के लिए बुकिंग बढ़ने से कारोबारियों की व्यस्तता बढ़ गई है।
कस्बे की गलियों में कुम्हार सुबह से ही टोकरी में सजे हुए मिट्टी के करवे लेकर बिक्री करते नजर आए। वे आवाज लगाकर घर-घर करवे बेच रहे हैं। मिट्टी के बर्तनों पर की गई रंग-बिरंगी चित्रकारी ग्राहकों को आकर्षित कर रही है। कुम्हारों के मुताबिक, इस बार करवे की बिक्री अच्छी रहने की उम्मीद है। बाजार में करवे 50 रुपये से लेकर 150 रुपये तक की कीमत पर उपलब्ध हैं।
महिलाएं पूजा के लिए करवा, करवी, सींक और अन्य जरूरी सामग्री खरीद रही हैं। करवाचौथ के मौके पर मिट्टी के करवे बेचने वाले कुम्हारों के लिए यह त्योहार अतिरिक्त कमाई का अवसर भी लेकर आता है।
ब्यूटी पार्लरों में मेकअप और मेहंदी की बुकिंग बढ़ी -
करवाचौथ को लेकर बाजार के साथ-साथ ब्यूटी पार्लरों में भी चहल-पहल है। महिलाएं पर्व के लिए पहले से ही मेकअप, हेयर स्टाइल, मेहंदी, फेशियल, आइब्रो और हेयर स्पा जैसी सेवाओं की बुकिंग करा रही हैं। कुछ ग्राहक केराटिन ट्रीटमेंट और हेयर हाईलाइट जैसी सेवाओं में भी रुचि ले रही हैं।
मिश्रा मार्केट में ब्यूटी पार्लर संचालिका लक्ष्मी ने बताया कि करवाचौथ के अवसर पर ग्राहकों के लिए विशेष ऑफर दिए जा रहे हैं। पार्लर में ज्वेलरी की व्यवस्था भी की गई है, ताकि महिलाएं अपने पारंपरिक परिधानों के अनुरूप तैयार हो सकें। उन्होंने बताया कि मेकअप और ज्वेलरी के लिए बुकिंग मिल रही है।
महिलाएं अपनी साड़ी, लहंगे और अन्य पारंपरिक कपड़ों के हिसाब से मेकअप और हेयर स्टाइल चुन रही हैं। त्योहार के दिन बेहतर दिखने की तैयारी के चलते पार्लर संचालकों का काम भी बढ़ गया है।
परंपरा और बाजार, दोनों में दिख रहा उत्साह -
करवाचौथ पर पूजा के सामान की खरीदारी और सजने-संवरने की तैयारियां कस्बे के बाजारों में त्योहार का माहौल बना रही हैं। एक ओर कुम्हार पारंपरिक मिट्टी के करवे बेचकर अपनी आजीविका चला रहे हैं, वहीं ब्यूटी पार्लरों में बढ़ती बुकिंग स्थानीय कारोबार को गति दे रही है।
रूरा में करवाचौथ से पहले की यह चहल-पहल दिखाती है कि त्योहार से जुड़ी पारंपरिक खरीदारी के साथ सौंदर्य सेवाओं की मांग भी स्थानीय बाजार का अहम हिस्सा बनी हुई है।
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