अमित शाह का राहुल गांधी पर निशाना, बोले- SIR से नहीं, जनता के वोट से जीते चुनाव
हैदराबाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने 2014 और 2019 के चुनावों में भाजपा की जीत का हवाला दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। हैदराबाद में दिए बयान में शाह ने कहा कि राहुल गांधी जितनी कोशिश करना चाहें कर सकते हैं, लेकिन सरकार मतदाता सूची से एक-एक घुसपैठिये का नाम हटवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
शाह ने राहुल गांधी के उस कथित आरोप का जवाब दिया, जिसमें भाजपा की चुनावी जीत का श्रेय SIR को दिए जाने की बात कही गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भाजपा की जीत SIR की वजह से हुई है, तो 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी की जीत को किस आधार पर देखा जाएगा, क्योंकि उस समय SIR नहीं हुआ था।
2014 और 2019 की जीत का दिया उदाहरण
अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने 2014 और 2019 में भी लोकसभा चुनाव जीते थे। उनके मुताबिक, उन चुनावों में भाजपा को जनता के वोटों के कारण जीत मिली थी, न कि मतदाता सूची के किसी विशेष पुनरीक्षण की वजह से।
उन्होंने कहा कि 2024 के बाद भी भाजपा ने कई राज्यों में चुनावी सफलता हासिल की। शाह ने महाराष्ट्र और हरियाणा में भाजपा की बड़ी जीत, दिल्ली में 30 साल बाद पार्टी की सत्ता में वापसी और बिहार में मिली जीत का उल्लेख किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी राजनीतिक टिप्पणी की।
SIR को लेकर राजनीतिक विवाद
SIR मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण है, जिसके तहत निर्वाचन आयोग मतदाताओं के विवरण और पात्रता की दोबारा जांच करता है। इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं।
भाजपा और केंद्र सरकार की ओर से इसे मतदाता सूची को शुद्ध करने तथा अपात्र नामों को हटाने की प्रक्रिया बताया जाता है। वहीं, विपक्षी दलों ने अलग-अलग मौकों पर इस प्रक्रिया के तरीके, पारदर्शिता और संभावित प्रभाव को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्ष की प्रमुख चिंताओं में पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने और प्रक्रिया के दौरान लोगों को होने वाली परेशानी जैसे मुद्दे शामिल रहे हैं।
विपक्ष का पक्ष और चुनावी रिकॉर्ड
इस बयान में अमित शाह ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया, लेकिन उपलब्ध सामग्री में राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से इस विशेष बयान पर कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। इसलिए कांग्रेस का पक्ष या उसकी ओर से दिए गए तर्कों को बिना पुष्टि के जोड़ना उचित नहीं होगा।
चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार, भाजपा ने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में बहुमत हासिल किया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 240 सीटों पर विजयी रही और एनडीए ने केंद्र में सरकार बनाई। इसके बाद महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और बिहार के चुनावों में भाजपा की स्थिति का उल्लेख करते हुए शाह ने पार्टी की चुनावी उपलब्धियों को SIR से अलग बताया।
हालांकि, अलग-अलग राज्यों के चुनावी परिणामों को केवल एक कारण से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। हर राज्य में स्थानीय मुद्दे, राजनीतिक गठबंधन, उम्मीदवार और मतदाताओं की प्राथमिकताएं भी चुनावी नतीजों को प्रभावित करती हैं।
मतदाता सूची और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर बहस
अमित शाह का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। एक ओर सरकार का जोर मतदाता सूची से अपात्र नाम हटाने पर है, वहीं विपक्ष की चिंता यह है कि पुनरीक्षण के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम न छूटे।
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