बलिया: सरयू के कटान से महाराजपुर में आबादी पर खतरा, निरीक्षण के बाद बचाव कार्य की तैयारी
बांसडीह तहसील के घेराव के बाद बाढ़ विभाग के अधिकारियों ने नाव से कटान प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। मड पंप से जियो ट्यूब और जियो शीट लगाकर बचाव कार्य कराने की योजना बनाई गई है।
सरयू नदी के लगातार कटान से महाराजपुर नाहर छपरा में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। नदी की तेज धारा के कारण किसानों की जमीन कटान की चपेट में आ रही है और अब गांव की आबादी पर भी खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों की शिकायत और सोमवार को बांसडीह तहसील के घेराव के बाद मंगलवार सुबह बाढ़ विभाग के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया।
दरअसल, सरयू नदी के कटान से परेशान महाराजपुर के ग्रामीणों ने सोमवार को पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के संयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू के नेतृत्व में बांसडीह तहसील का घेराव किया था। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन और बाढ़ विभाग के प्रति नाराजगी जताते हुए अपनी जमीन और आबादी को कटान से बचाने की मांग उठाई।
मौके पर मौजूद एसडीएम डॉ. पुष्कर मिश्रा, बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता संजय मिश्रा और सहायक अभियंता आकाश यादव ने ग्रामीणों को मंगलवार सुबह से बचाव कार्य दोबारा शुरू कराने का आश्वासन दिया था।
नाव से प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे अधिकारी
इसी क्रम में मंगलवार सुबह अधिशासी अभियंता संजय मिश्रा के निर्देश पर सहायक अभियंता आकाश यादव ग्राम प्रधान मुनीब यादव के साथ नाव से कटान प्रभावित क्षेत्र पहुंचे। अधिकारियों ने नदी की धारा और कटान की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के बाद सहायक अभियंता आकाश यादव ने अधिशासी अभियंता को आवश्यक रिपोर्ट सौंपी। विभाग ने आबादी वाले हिस्से में कटान की स्थिति का सर्वेक्षण भी किया।
मड पंप से जियो ट्यूब और जियो शीट लगाने की योजना
अधिशासी अभियंता संजय मिश्रा ने बताया कि आबादी वाले क्षेत्र में हो रहे कटान का सर्वेक्षण किया गया है। प्रभावित हिस्से में तत्काल राहत पहुंचाने के लिए मड पंप लगाकर जियो ट्यूब और जियो शीट के माध्यम से बचाव कार्य कराने की योजना बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि इन तकनीकी उपायों के जरिए नदी के कटान की गति कम करने और प्रभावित ग्रामीणों को राहत देने का प्रयास किया जाएगा।
बचाव कार्य शुरू होने का इंतजार
लगातार हो रहे कटान के कारण ग्रामीणों के सामने अपनी कृषि भूमि और घरों को सुरक्षित रखने की चुनौती है। सोमवार को तहसील घेराव और मंगलवार को अधिकारियों के निरीक्षण के बाद ग्रामीणों को बचाव कार्य शुरू होने की उम्मीद जगी है।
हालांकि, फिलहाल विभाग ने बचाव कार्य कराने की योजना की जानकारी दी है। काम शुरू होने की निश्चित तारीख और इसके लिए तय समयसीमा की जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों की निगाहें अब इस बात पर हैं कि प्रस्तावित उपायों को कब जमीन पर उतारा जाएगा और उनसे कटान पर कितना नियंत्रण मिल सकेगा।
गलती बताएँ
संबंधित खबरें
यूपी में ग्राम प्रधानों का प्रशासक कार्यकाल बढ़ाने की तैयारी, शासन को भेजा गया प्रस्ताव
बलिया में मंदिर चोरी के आरोप में पांच गिरफ्तार, पुलिस मुठभेड़ में दो घायल
शादी का झांसा देकर शोषण और तीन लाख रुपये लेने का आरोप, छह लोगों पर मुकदमा

पाठकों की राय (0)
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली राय आपकी हो सकती है।