बेल्थरारोड मंडी में अतिक्रमण हटाने का नोटिस, छठ तक मोहलत मांग रहे व्यापारी
मंडी प्रशासन ने छप्पर और टीन शेड हटाने के लिए व्यापारियों को तीन दिन का समय दिया है। व्यापारियों ने छठ पर्व का हवाला देते हुए कुछ दिनों की राहत मांगी है।
मधुबन मार्ग स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति की नवीन मंडी में अतिक्रमण हटाने के नोटिस के बाद व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। मंडी प्रशासन ने परिसर में लगाए गए छप्पर और टीन शेड को हटाने के लिए व्यापारियों को तीन दिन का समय दिया है। वहीं, व्यापारियों ने छठ पूजा का हवाला देते हुए प्रशासन से त्योहार तक मोहलत देने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, मंडी प्रशासन ने 26 अक्टूबर को नोटिस जारी कर निर्धारित स्थानों पर लगाए गए छप्पर और टीन शेड को तीन दिनों के भीतर हटाने का निर्देश दिया था। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि तय समय में अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अतिक्रमण हटाने में होने वाला खर्च भी संबंधित लोगों से वसूला जा सकता है।
त्योहारी कारोबार प्रभावित होने की आशंका
मंडी में कारोबार करने वाले व्यापारियों का कहना है कि छठ पूजा के दौरान फल और सब्जियों की मांग बढ़ जाती है। इस समय उनका कारोबार भी बढ़ता है। ऐसे में यदि तत्काल छप्पर और टीन शेड हटा दिए गए तो व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। व्यापारियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उन्हें छठ पूजा तक कुछ दिनों की अतिरिक्त मोहलत दी जाए, ताकि वे त्योहार के दौरान अपना कारोबार जारी रख सकें।
बंदरों और आवारा पशुओं से भी परेशान व्यापारी
व्यापारियों ने मंडी परिसर में बंदरों और खुले में घूमने वाले गोवंश की समस्या भी उठाई है। उनका कहना है कि बंदर, गाय और सांड फल-सब्जियों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। व्यापारियों के मुताबिक, इस समस्या के समाधान के लिए भी मंडी प्रशासन को प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए।
व्यापारी अख्तर अली, झाबर, राजन जायसवाल, रियाजुद्दीन, लालू, आसिक और साकिर सहित अन्य लोगों ने उच्चाधिकारियों से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है। उनकी मांग है कि छठ पूजा तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में कुछ दिनों की राहत दी जाए। साथ ही मंडी परिसर में घूमने वाले बंदरों और आवारा पशुओं से बचाव के लिए उचित इंतजाम किए जाएं।
फिलहाल व्यापारियों की मांग पर मंडी प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में यह देखना होगा कि प्रशासन अतिक्रमण हटाने के निर्देशों और व्यापारियों की त्योहारी कारोबार से जुड़ी जरूरतों के बीच किस तरह संतुलन बनाता है।
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