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बेल्थरारोड मंडी में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला बुलडोजर, कई दुकानें और टीन शेड हटाए गए

बलिया के बेल्थरारोड स्थित नवीन कृषि उत्पादन मंडी समिति में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हुई। व्यापारियों ने दीपावली और डाला छठ तक मोहलत मांगी, वहीं मंडी कर्मियों पर अवैध वसूली के आरोप भी लगाए गए।

बेल्थरारोड मंडी में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला बुलडोजर, कई दुकानें और टीन शेड हटाए गए

स्थानीय नगर के मधुबन मार्ग स्थित नवीन कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में रविवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। मंडी प्रशासन ने जेसीबी की मदद से परिसर में बने कई अवैध निर्माण, छप्पर और टीन शेड हटवाए। कार्रवाई के दौरान वर्षों से छोटी-बड़ी दुकानें संचालित कर रहे व्यापारियों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। कई दुकानदारों ने दीपावली और डाला छठ जैसे प्रमुख त्योहारों को देखते हुए कुछ दिनों की मोहलत देने की मांग की, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई जारी रही।

मंडी परिसर में थोक गल्ला, सब्जी, फल और अन्य कारोबार से जुड़े व्यापारी दुकानें संचालित करते हैं। कार्रवाई के दौरान कुछ व्यापारियों ने स्वयं भी अपने छप्पर और टीन शेड हटाने शुरू कर दिए। शाम तक जेसीबी की मदद से कई स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया।

26 अक्टूबर को जारी किया गया था नोटिस

मंडी प्रशासन की ओर से 26 अक्टूबर को सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया था। इसे परिसर के अलग-अलग स्थानों पर चस्पा किया गया था। नोटिस में अतिक्रमण करने वालों को तीन दिन के भीतर स्वयं कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया था।

नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जेसीबी से अतिक्रमण हटाने में आने वाला खर्च संबंधित लोगों से वसूलने की बात भी कही गई थी। निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाए जाने के बाद रविवार को मंडी प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी।

लाइसेंसी दुकानदारों पर भी अतिरिक्त कब्जे का आरोप

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे प्रभारी मंडी सचिव अतुल कुमार कश्यप ने बताया कि मंडी परिषद के निदेशक के निर्देश पर परिसर से अवैध अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

उन्होंने कहा कि कुछ लाइसेंसी दुकानदार अपनी अधिकृत दुकानों के अलावा मंडी परिसर में अतिरिक्त दुकानें संचालित कर रहे थे। इसके साथ ही कई लोग बिना लाइसेंस के भी दुकानें लगाकर कारोबार कर रहे थे। उनके अनुसार, वह करीब दो वर्षों से मंडी में तैनात हैं और उनके आने से पहले से ही परिसर में अतिक्रमण मौजूद था।

प्रभारी मंडी सचिव ने बताया कि संबंधित लोगों को कई बार मौखिक रूप से अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। उन्होंने मंडी कर्मचारियों पर अतिक्रमण के बदले अवैध वसूली किए जाने के आरोपों को खारिज किया।

व्यापारियों ने लगाए अवैध वसूली के आरोप

कार्रवाई के दौरान कुछ अनधिकृत दुकानदारों ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर मंडी कर्मचारियों पर हर महीने अवैध वसूली किए जाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि परिसर में लंबे समय से दुकानें संचालित हो रही थीं और अब अचानक कार्रवाई होने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। मंडी सचिव ने भी अवैध वसूली के आरोपों को नकारा है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित रिकॉर्ड और निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

छठ से पहले कार्रवाई पर व्यापारियों ने जताई नाराजगी

मंडी परिसर में दुकानें संचालित करने वाले व्यापारियों ने दीपावली और डाला छठ के त्योहारों का हवाला देते हुए प्रशासन से कुछ समय की मोहलत मांगी। उनका कहना था कि त्योहारों के दौरान कारोबार बढ़ने की उम्मीद रहती है। ऐसे समय में दुकानें हटाए जाने से उनकी बिक्री और आजीविका प्रभावित हो सकती है।

व्यापारियों ने मांग की कि त्योहारों तक उन्हें कारोबार जारी रखने का अवसर दिया जाए और उसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए। हालांकि, मंडी प्रशासन ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कार्रवाई जारी रखी।

सभासद ने अवैध वसूली के आरोपों की जांच की मांग की

नगर पंचायत के वार्ड नंबर पांच के सभासद मोहम्मद सद्दाम ने मंडी परिसर में कथित अवैध वसूली के आरोपों की उच्चस्तरीय और गोपनीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने संबंधित उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की।

सभासद का कहना है कि मंडी परिसर में छोटी दुकानें लगाकर कई व्यापारी अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। अतिक्रमण हटाए जाने के बाद उनके सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि इन दुकानों का संचालन नियमों के विपरीत था तो संबंधित लोगों को नियमानुसार स्थान आवंटित कर कारोबार से जोड़ने के विकल्प पर भी विचार किया जा सकता था।

उन्होंने यह भी कहा कि मंडी कर्मचारियों पर लगाए गए अवैध वसूली के आरोप सही हैं या गलत, इसका फैसला जांच के बाद ही होना चाहिए।

जेसीबी से छाजन टूटते ही मधुमक्खियों का हमला

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान रविवार शाम मंडी परिसर में अचानक अफरा-तफरी मच गई। जेसीबी से एक छाजन तोड़े जाने के दौरान उसमें मधुमक्खियों का छत्ता दिखाई दिया। छाजन टूटते ही मधुमक्खियां आक्रामक हो गईं और वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया।

मधुमक्खियों से बचने के लिए पुलिसकर्मियों, व्यापारियों और अन्य लोगों में भगदड़ मच गई। कई लोग जान बचाकर मौके से भागते नजर आए। कुछ लोगों के मधुमक्खियों के हमले का शिकार होने की जानकारी भी सामने आई, हालांकि घायलों की संख्या और उनकी स्थिति की पुष्टि नहीं हो सकी।

अब वैकल्पिक व्यवस्था की मांग पर टिकी व्यापारियों की नजर

मंडी परिसर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद प्रभावित व्यापारियों की नजर अब इस बात पर है कि उन्हें कारोबार के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था मिलती है या नहीं। व्यापारी चाहते हैं कि नियमों के दायरे में रहकर उन्हें दुकान आवंटित करने की संभावना पर विचार किया जाए।

वहीं, मंडी कर्मचारियों पर कथित अवैध वसूली के आरोपों की जांच की मांग भी उठाई गई है। फिलहाल मंडी प्रशासन की कार्रवाई के बाद व्यापारियों के रोजगार और परिसर में दुकान आवंटन की व्यवस्था को लेकर सवाल बने हुए हैं।

✓ संपादकीय जाँच: प्रूफ़रीडिंग DP Singh · प्रकाशन की मंज़ूरी DP Singh · हमारे मानक

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