CEC-SIR विरोध प्रदर्शन पर इमरान खान को बॉम्बे हाईकोर्ट की फटकार, बिना शर्त माफी दी; 7 दिसंबर को अगली सुनवाई
मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में अभिनेता इमरान खान ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी और भविष्य में ऐसे प्रदर्शनों में शामिल न होने का आश्वासन दिया। अदालत ने FRRO के नोटिस पर लगी रोक जारी रखी।
मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन में कथित भागीदारी को लेकर अभिनेता इमरान खान को बॉम्बे हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। सोमवार, 2 नवंबर को सुनवाई के दौरान अदालत ने अभिनेता को कड़ी टिप्पणी करते हुए बिना शर्त माफी देने और भविष्य में इस तरह के प्रदर्शनों में शामिल नहीं होने का आश्वासन देने को कहा। इमरान खान की ओर से अदालत में माफी और अंडरटेकिंग पेश की गई।
न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की खंडपीठ अभिनेता की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) की ओर से जारी 'लीव इंडिया नोटिस' को चुनौती दी है। इस नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था।
हाईकोर्ट ने नोटिस के प्रभाव पर पहले लगाई गई रोक को आगे भी जारी रखा है। अदालत ने कहा कि इमरान खान को नोटिस पर अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी।
OCI कार्डधारक के अधिकारों पर अदालत की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि OCI कार्डधारक को भारतीय नागरिक के समान अधिकार प्राप्त नहीं होते। पीठ ने सवाल उठाया कि इमरान खान लंबे समय से भारत में रह रहे हैं, लेकिन पहले कभी किसी प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए। फिर उन्होंने अब इस तरह के राजनीतिक प्रदर्शन में भाग क्यों लिया?
अदालत ने यह भी कहा कि यदि कोई भारतीय नागरिक विदेश में इसी तरह की गतिविधि में शामिल होता है, तो उसे वहां के कानूनों और नियमों के परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
सुनवाई के दौरान पीठ ने मौखिक रूप से कहा कि OCI कार्डधारक को भारत में रहते हुए इस तरह के विरोध-प्रदर्शनों में भाग लेने से बचना चाहिए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि OCI कार्डधारक को भारतीय नागरिकों के समान राजनीतिक अधिकार प्राप्त नहीं हैं।
अभिनेता ने कहा- भारत ही मेरा घर है
इमरान खान की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश धोंड ने अदालत को बताया कि अभिनेता का प्रदर्शन आयोजकों से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने कहा कि इमरान खान ने भारत में लंबे समय तक निवास किया है और उनका पारिवारिक तथा पेशेवर जीवन यहीं केंद्रित है।
अभिनेता की ओर से यह भी दलील दी गई कि वह अपने बच्चे, परिवार और कामकाज के कारण भारत में रहना चाहते हैं। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें देश में रहने की अनुमति दी जाए।
इमरान खान की ओर से यह भी कहा गया कि वह प्रदर्शन के आयोजक नहीं थे और मामले में उनके संबंध में उपलब्ध सामग्री तथा पुलिस जांच की स्थिति को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
अदालत ने मांगी बिना शर्त माफी
सुनवाई के दौरान अभिनेता की ओर से केवल हलफनामा देने का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि, अदालत ने कहा कि सिर्फ हलफनामा पर्याप्त नहीं होगा और उन्हें बिना शर्त माफी देनी होगी।
इसके बाद इमरान खान की ओर से अदालत में बिना शर्त माफी और भविष्य में ऐसे प्रदर्शनों में हिस्सा नहीं लेने का आश्वासन दिया गया। अदालत ने इस अंडरटेकिंग और माफी को अपने आदेश में ध्यान में रखा।
पीठ ने इस दौरान 'वसुधैव कुटुम्बकम' के सिद्धांत का भी उल्लेख किया। अदालत ने कहा कि इमरान खान लंबे समय से भारत में रह रहे हैं और यहां उन्होंने अपना पेशेवर जीवन बनाया है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को उनके मामले पर विचार करते समय व्यापक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
FRRO ने कहा- OCI कार्डधारक के अधिकार सीमित
FRRO की ओर से पेश केंद्र सरकार के वकील ने अदालत में दलील दी कि इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास OCI कार्ड है। ऐसे में भारत में उनके अधिकार और सुविधाएं भारतीय नागरिकों से अलग तथा सीमित हैं।
सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि अभिनेता सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हैं और उनका सार्वजनिक प्रभाव है। उन्हें प्रदर्शन के उद्देश्य और उसकी प्रकृति की जानकारी थी, इसके बावजूद उन्होंने उसमें हिस्सा लिया।
दूसरी ओर, अभिनेता के वकील ने नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इमरान खान को नोटिस जारी करने से पहले अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।
10 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद जारी हुआ था नोटिस
यह मामला 10 अक्टूबर को मुंबई में आयोजित उस प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। प्रदर्शन का संबंध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठे राजनीतिक विवाद से था।
प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस ने इमरान खान को हिरासत में लिया था। इसके बाद 14 अक्टूबर को FRRO ने उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया। अभिनेता ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
इससे पहले 28 अक्टूबर को अदालत ने नोटिस के प्रभाव पर रोक लगाते हुए मामले की सुनवाई 2 नवंबर तक टाल दी थी।
अब FRRO को सुनना होगा अभिनेता का पक्ष
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि OCI कार्डधारक को भारतीय नागरिक के समान नहीं माना जा सकता। हालांकि, अदालत ने अभिनेता की माफी और भविष्य में प्रदर्शन में शामिल नहीं होने के आश्वासन को ध्यान में रखते हुए FRRO के नोटिस पर रोक जारी रखी।
अदालत ने निर्देश दिया कि FRRO इमरान खान को अपना पक्ष रखने का अवसर दे और उसके बाद मामले में निर्णय करे। अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी।
इस मामले का महत्व केवल एक अभिनेता को जारी नोटिस तक सीमित नहीं है। यह OCI कार्डधारकों के अधिकारों, भारत में राजनीतिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी और प्रशासनिक कार्रवाई से पहले पक्ष रखने का अवसर दिए जाने जैसे सवालों को भी सामने लाता है। हालांकि, अदालत की मौखिक टिप्पणियों और इस मामले में दिए गए अंतरिम निर्देशों को अंतिम कानूनी फैसले के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
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