रूरा चेयरमैन को साजिशन फंसाने का आरोप, ऑडियो में जातिसूचक शब्द नहीं - रामजी गुप्ता
कानपुर देहात के रूरा में कोल्ड स्टोर विवाद के बाद महिला की शिकायत पर नगर पंचायत अध्यक्ष रामजी गुप्ता समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। चेयरमैन ने आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
रूरा के एक कोल्ड स्टोर में पल्लेदारों के बीच मामूली विवाद के बाद दोनों पक्षों में समझौता होने के बावजूद नगर पंचायत अध्यक्ष रामजी गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने को राजनीतिक साजिश बताया जा रहा है। चेयरमैन ने कार्रवाई को राजनीतिक दबाव और विरोधियों के उकसावे का परिणाम बताते हुए अपनी छवि धूमिल करने की साजिश करार दिया है। उनका दावा है कि संबंधित ऑडियो में जातिसूचक शब्दों का प्रयोग नहीं किया गया है।
चेयरमैन के अनुसार उन्होंने कोल्ड स्टोर में घुसकर विवाद करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन समझौता होने के बाद उसे वापस ले लिया गया था। इसके बाद राजनीतिक लोगों ने महिला को उकसाकर उनकी छवि धूमिल करने के लिए मुकदमा दर्ज करा दिया है।
रूरा कस्बे के रामनगर निवासी अनुपम पत्नी धर्मेंद्र गौतम ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे भटौली रोड स्थित एक कोल्ड स्टोर में उनके भाई महेंद्र के साथ बीनू, नीरज, संदीप और अंकुश ने मारपीट की। जानकारी मिलने पर वह अपनी मां मिथलेश कुमारी के साथ कोल्ड स्टोर पहुंचीं और भाई को वहां से लेकर थाने जाने लगीं। महिला का आरोप है कि इसी दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष रामजी गुप्ता ने फोन कर उन्हें गाली-गलौज की और रिपोर्ट दर्ज न कराने को कहा। महिला की शिकायत पर पुलिस ने चेयरमैन सहित अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वहीं, नगर पंचायत अध्यक्ष रामजी गुप्ता ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि कोल्ड स्टोर में पल्लेदारों के बीच मामूली बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद में शामिल दोनों पक्षों के बीच मुकदमा दर्ज होने से पहले ही समझौता हो गया था। इसके बाद भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाना औचित्यहीन है। अध्यक्ष का दावा है कि फोन पर हुई बातचीत के ऑडियो में जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया गया। उनका कहना है कि कोल्ड स्टोर में घुसकर विवाद करने वालों के प्रति उन्होंने केवल आक्रोश जताया था, जिसे अब गलत रूप देकर पेश किया जा रहा है।
चेयरमैन ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधी उनकी छवि खराब करने के लिए मामले को तूल दे रहे हैं और उनके उकसावे पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने इसे उत्पीड़न की कार्रवाई बताते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले शिवली व अकबरपुर में भी वैश्य समाज के लोगों को निशाना बनाया जा चुका है और झूठे मुकदमे दर्ज कर कार्रवाई की गई है, जिसे जिले भर का वैश्य समाज स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस के उच्च अधिकारियों से भी मिलकर अपना पक्ष रखने की बात कही है।
थानाध्यक्ष सुधीर भारद्वाज के अनुसार, महिला की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और आरोपों की पुष्टि साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
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