साल 1900 में ब्रिटेन क्यों मान रहा था कि उसका भविष्य और शानदार होगा? जानिए उस दौर की पूरी कहानी
1 जनवरी 1900 को ब्रिटेन में नई शताब्दी का स्वागत साम्राज्य की ताकत, आर्थिक खुशहाली और सैन्य जीत की उम्मीदों के साथ किया जा रहा था। लेकिन दक्षिण अफ्रीका में बोअर युद्ध और उपनिवेशों पर ब्रिटिश शासन की हकीकत इस तस्वीर का दूसरा पहलू भी दिखाती है।
कल्पना कीजिए कि हम 1 जनवरी 1900 के ब्रिटेन में खड़े हैं। पिछली सदी खत्म हो चुकी है और लोग आने वाले समय को लेकर उम्मीदें लगा रहे हैं। ब्रिटेन दुनिया की बड़ी साम्राज्यवादी शक्तियों में शामिल है। उसके नियंत्रण में भारत समेत एशिया, अफ्रीका और दूसरे क्षेत्रों के बड़े हिस्से हैं। उसकी नौसेना, व्यापार और औद्योगिक ताकत उसे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान दिलाती है।
उस समय ब्रिटेन के कुछ अखबारों और साम्राज्य समर्थक लोगों को भरोसा था कि आने वाली शताब्दी देश के लिए और ज्यादा सफलता लेकर आएगी। लेकिन इस भरोसे को समझने के लिए हमें उस समय की राजनीति, युद्ध, अर्थव्यवस्था और अखबारों की भाषा को एक साथ देखना होगा।
1. जनवरी 1900 में ब्रिटेन के अखबार क्या कह रहे थे?
उस दिन ब्रिटिश अखबारों ने हैडिंग लगाईं थी - “High hopes greet the new century” यानी नयी शताब्दी का स्वागत बड़ी उम्मीदों के साथ हो रहा था।
इस अंश में 1 जनवरी को ब्रिटिश साम्राज्य की ताकत पर गर्व जताने वाली भाषा दिखाई देती है। इसमें एक अखबार की रिपोर्ट के हवाले से साम्राज्य के लिए कहा गया है कि दुनिया भर में फैले इस साम्राज्य का “एक दिल, एक सिर, एक भाषा और एक नीति” है।
इस वाक्य का मतलब समझिए। ब्रिटिश साम्राज्य के समर्थक यह दिखाना चाहते थे कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में फैले उसके शासन को एक ही राजनीतिक व्यवस्था और सत्ता से जोड़ा जा सकता है। यह केवल भौगोलिक विस्तार का वर्णन नहीं था, बल्कि ब्रिटिश साम्राज्य की एकता और ताकत का दावा भी था।
लेकिन यहां इतिहास के विद्यार्थी के रूप में एक सवाल पूछना चाहिए: क्या इतने बड़े साम्राज्य के सभी लोगों की भाषा, संस्कृति, राजनीतिक इच्छाएं और हित वास्तव में एक जैसे थे?
नहीं। भारत, अफ्रीका, कैरेबियन और दूसरे उपनिवेशों के समाजों की अपनी भाषाएं, परंपराएं और राजनीतिक आकांक्षाएं थीं। इसलिए अखबार में इस्तेमाल किया गया यह वाक्य साम्राज्य समर्थक नजरिए को दिखाता है, न कि उसके अधीन रहने वाले हर समाज की वास्तविक स्थिति को।
2. ब्रिटेन की पिछली सदी कैसी रही थी?
1800 के आसपास ब्रिटेन कई चुनौतियों का सामना कर रहा था। अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम के बाद उसने अपने तेरह अमेरिकी उपनिवेश खो दिए थे। फ्रांस के साथ उसका लंबे समय से संघर्ष चल रहा था और नेपोलियन यूरोप में अपनी शक्ति बढ़ा रहा था। ब्रिटिश नौसेना में भी 1797 में स्पिटहेड और नोर में विद्रोह हुए थे।
इसके बाद 19वीं सदी में स्थिति बदली। औद्योगिक क्रांति ने ब्रिटेन में कारखानों, मशीनों, रेल और व्यापार के विकास को गति दी। ब्रिटेन ने समुद्री व्यापार और उपनिवेशों के जरिए अपना प्रभाव बढ़ाया। भारत उसके साम्राज्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।
इसी ऐतिहासिक अनुभव से 1900 में कुछ ब्रिटिश लोगों ने यह निष्कर्ष निकाला कि अगर पिछली सदी की शुरुआत मुश्किलों के बावजूद साम्राज्य के विस्तार में बदली, तो अगली सदी उससे भी ज्यादा सफल हो सकती है।
3. बोअर युद्ध क्या था और ब्रिटेन को जीत की इतनी जल्दी क्यों थी?
नए साल के इस उत्साह के बीच ब्रिटेन दक्षिण अफ्रीका में युद्ध लड़ रहा था। इसे बोअर युद्ध कहा जाता है।
पहला बोअर युद्ध 1880–1881 में हुआ था। दूसरा बोअर युद्ध 11 अक्टूबर 1899 को शुरू हुआ और 31 मई 1902 को समाप्त हुआ। 1 जनवरी 1900 को यह दूसरा युद्ध शुरुआती दौर में था।
बोअर मुख्य रूप से डच मूल के यूरोपीय बसने वालों के वंशज थे। दक्षिण अफ्रीका में उनके दो स्वतंत्र गणराज्य थे—ट्रांसवाल और ऑरेंज फ्री स्टेट। ब्रिटेन का इस क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने का प्रयास और बोअर गणराज्यों की स्वतंत्रता बनाए रखने की इच्छा टकराव का बड़ा कारण बनी।
इस संघर्ष के पीछे सोने और दूसरे खनिज संसाधनों, राजनीतिक नियंत्रण और दक्षिण अफ्रीका में सत्ता के सवाल भी महत्वपूर्ण थे। इसलिए इसे केवल दो समुदायों की लड़ाई कहना अधूरा होगा।
ब्रिटेन में कई लोगों को उम्मीद थी कि उसकी सेना जल्द जीत हासिल कर लेगी। लेकिन युद्ध ने दिखाया कि बोअर सेनाओं को हराना आसान नहीं था। वे स्थानीय भूगोल को अच्छी तरह जानती थीं और राइफलों तथा तेज गति से की जाने वाली सैन्य कार्रवाइयों का इस्तेमाल करती थीं।
4. लाडीस्मिथ को लेकर क्या उम्मीद थी?
दक्षिण अफ्रीका का लाडीस्मिथ शहर ब्रिटिश सेना के लिए एक अहम सैन्य केंद्र था। बोअर सेनाओं ने अक्टूबर 1899 में इसकी घेराबंदी कर दी थी। शहर में ब्रिटिश सैनिक फंस गए थे और उन्हें राहत पहुंचाना ब्रिटेन के लिए सैन्य तथा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण था।
नए साल के आसपास कुछ ब्रिटिश रिपोर्टों में उम्मीद जताई जा रही थी कि लाडीस्मिथ को जल्द राहत मिल जाएगी। लेकिन यह काम कुछ ही दिनों में पूरा नहीं हुआ।
ब्रिटिश सेना को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। आखिरकार 28 फरवरी 1900 को जनरल रेडवर्स बुलर की सेना लाडीस्मिथ पहुंची और घेराबंदी समाप्त हुई।
इस घटना से एक महत्वपूर्ण बात समझ आती है: किसी शक्तिशाली देश की सेना के पास अधिक संसाधन होने का मतलब यह नहीं कि वह हर युद्ध आसानी से जीत सकती है। भूगोल, विरोधी सेना की रणनीति, रसद और स्थानीय परिस्थितियां भी युद्ध का परिणाम तय करती हैं।
5. नए साल की सम्मान सूची में जॉन लबॉक कौन थे?
1900 की शुरुआत में ब्रिटेन की New Year Honours List भी चर्चा में थी। इस सूची में ऐसे लोगों को सम्मान दिया जाता था जिन्होंने प्रशासन, राजनीति, सेना, विज्ञान या सार्वजनिक जीवन में योगदान दिया हो।
इस सूची में सर जॉन लबॉक का नाम भी शामिल था। वह बैंकर, सांसद, वैज्ञानिक और लेखक थे। बैंक की छुट्टियों को कानूनी मान्यता दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। 1871 के Bank Holidays Act को संसद में आगे बढ़ाने के लिए उन्हें विशेष रूप से याद किया जाता है।
यहां एक अंतर समझना जरूरी है: बैंक हॉलिडे की व्यवस्था और जॉन लबॉक को बाद में मिले सम्मान दो अलग बातें हैं। उनका नाम सम्मान सूची में आना इस बात को दिखाता है कि ब्रिटेन में नए साल के अवसर पर सार्वजनिक योगदान देने वालों को औपचारिक रूप से सम्मानित करने की परंपरा थी।
उस समय ब्रिटिश साम्राज्य के अलग-अलग हिस्सों में काम करने वाले अधिकारियों को भी सम्मान दिए जाते थे। इससे यह भी पता चलता है कि साम्राज्य का प्रशासन केवल लंदन तक सीमित नहीं था, बल्कि भारत और दूसरे उपनिवेशों तक फैला हुआ था।
6. अर्थव्यवस्था को लेकर ब्रिटेन और अमेरिका में क्या माहौल था?
ब्रिटेन की सरकारी आय में पिछले साल के मुकाबले 40 लाख पाउंड की बढ़ोतरी हुई थी। इसमें अमेरिका के वॉल स्ट्रीट पर आर्थिक तेजी को लेकर उत्साह की बात भी कही गई है।
यहां दो शब्द समझने जरूरी हैं।
पहला, सरकारी आय। इसका अर्थ सरकार को करों और दूसरे स्रोतों से मिलने वाली आमदनी है। सरकारी आय बढ़ने से सरकार के पास खर्च के लिए ज्यादा संसाधन हो सकते हैं, लेकिन इससे अपने आप यह साबित नहीं होता कि हर आम नागरिक की आर्थिक स्थिति बेहतर हो गई थी।
दूसरा, वॉल स्ट्रीट। यह न्यूयॉर्क के वित्तीय बाजार का प्रमुख केंद्र है और लंबे समय से अमेरिकी बैंकिंग तथा निवेश जगत का प्रतीक माना जाता है।
7. “Dawn of the Century” क्या था?
1900 में नई शताब्दी और आधुनिक तकनीक को लेकर उत्साह केवल अखबारों तक सीमित नहीं था। लोकप्रिय संगीत और चित्रों में भी भविष्य की उम्मीद दिखाई देती थी।
अमेरिकी संगीत प्रकाशक ई. टी. पॉल ने 1900 में Dawn of the Century: March & Two Step नाम से संगीत रचना प्रकाशित की। न्यूज़ीलैंड की नेशनल लाइब्रेरी के रिकॉर्ड में इस रचना का वर्ष 1900 और संगीतकार ई. टी. पॉल का नाम दर्ज है।
8. क्या 1900 में ही 20वीं सदी शुरू हो गई थी?
आम बोलचाल में 1900 को नए शतक की शुरुआत के रूप में मनाया गया। लेकिन कैलेंडर की पारंपरिक गणना के अनुसार पहली सदी वर्ष 1 से शुरू हुई थी, वर्ष 0 से नहीं। इसलिए 20वीं सदी की शुरुआत 1 जनवरी 1901 को मानी जाती है।
इसका अर्थ यह नहीं कि 1900 में लोगों ने नए शतक का जश्न नहीं मनाया। उन्होंने मनाया था। लेकिन कैलेंडर की गणना और लोगों के उत्सव मनाने के तरीके में यह छोटा-सा अंतर था।
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