किरायेदार और मकान मालिक: रेंट एग्रीमेंट में ये 6 शर्तें होना ज़रूरी
विवाद की ज़्यादातर जड़ अधूरा एग्रीमेंट होता है; हस्ताक्षर से पहले ये बिंदु जाँच लें
ज़्यादातर किराया विवाद सिक्योरिटी डिपॉज़िट, किराया बढ़ोतरी और घर खाली करने के नोटिस को लेकर होते हैं। इनसे बचने का सबसे आसान तरीका है एक साफ़, लिखित और पंजीकृत एग्रीमेंट।
एग्रीमेंट में ये छह बातें ज़रूर हों: किराया और भुगतान की तारीख, डिपॉज़िट और उसकी वापसी की शर्तें, सालाना बढ़ोतरी की दर, मरम्मत की ज़िम्मेदारी, नोटिस अवधि और बिजली-पानी के बिल का बँटवारा।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। अपने मामले के लिए किसी वकील से सलाह लें।
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