सरयू की कटान से गांवों के अस्तित्व पर संकट, 28 अक्टूबर को बांसडीह तहसील का घेराव करेंगे ग्रामीण
संकट के बीच ग्रामीणों ने फूंका आंदोलन का बीगुल
बलिया। सरयू नदी की कटान से प्रभावित गांवों के अस्तित्व पर मंडरा रहे संकट के बीच ग्रामीणों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। अपने घर, जमीन और भविष्य को बचाने की मांग को लेकर ग्रामीण आगामी 28 अक्टूबर को बांसडीह तहसील का घेराव करेंगे। ‘अस्तित्व बचाओ आंदोलन’ के तहत जयनगर, पर्वतपुर और सुल्तानपुर में आयोजित तैयारी बैठकों में ग्रामीणों ने एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
सुल्तानपुर स्थित जूनियर हाईस्कूल के मैदान और जयनगर में ब्रह्मस्थान के पास आयोजित बैठकों में सरयू नदी की कटान से प्रभावित गांवों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीणों ने कहा कि नदी की कटान उनके घरों, कृषि भूमि और आजीविका के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो कई परिवारों के सामने विस्थापन का संकट खड़ा हो सकता है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों को कटान से बचाने के लिए ठोस एवं स्थायी उपाय करना जरूरी है।
स्थायी ठोकरों और आधुनिक रेगुलेटर के निर्माण की मांग
आंदोलन के तहत ग्रामीणों ने सरयू नदी की कटान रोकने के लिए स्थायी ठोकरों का निर्माण कराने, कटान पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने और प्रभावित लोगों के सुरक्षित पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग उठाई। इसके साथ ही पर्वतपुर-जयनगर रेगुलेटर के स्थान पर आधुनिक रेगुलेटर का निर्माण कराने पर भी जोर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि कटान की समस्या का समाधान केवल अस्थायी उपायों से संभव नहीं है। इसके लिए ऐसी स्थायी व्यवस्था की जरूरत है, जिससे गांवों, कृषि भूमि और आबादी वाले क्षेत्रों को नदी की कटान से प्रभावी सुरक्षा मिल सके। प्रभावित परिवारों को समय पर राहत और उचित मुआवजा उपलब्ध कराना भी प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
28 अक्टूबर को तहसील पर जुटेंगे प्रभावित ग्रामीण
तैयारी बैठकों में 28 अक्टूबर को प्रस्तावित तहसील घेराव को सफल बनाने तथा अधिक से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी प्रमुख मांगें कटान से सुरक्षा, पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा, सुरक्षित पुनर्वास और आधुनिक जल प्रबंधन व्यवस्था से जुड़ी हैं।
ग्रामीणों ने इन मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी पहल सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से बांसडीह तहसील पर एकजुट होने का निर्णय लिया है।
बैठक में ये लोग रहे मौजूद
आंदोलन की तैयारी को लेकर आयोजित बैठकों में निर्भय नारायण सिंह, प्रवीण कुमार सिंह विक्की, संजय परिहार, भरत सिंह मास्टर, शिवजी सिंह, पूर्व भरत सिंह, विजय यादव, सुनील ठाकुर, शाश्वत सिंह सहित अनेक स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने कटान प्रभावित गांवों के अस्तित्व और ग्रामीणों के भविष्य की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने का संकल्प लिया।
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