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20 साल बाद खाद्यान्न घोटाले का आरोपी गिरफ्तार, 53.50 लाख की सरकारी क्षति का आरोप

ईओडब्ल्यू और पुलिस की संयुक्त टीम ने बांसडीह के शिवरामपुर गांव से जलेश्वर राम को गिरफ्तार किया। आरोपी 2006 में दर्ज मुकदमे के बाद से फरार चल रहा था।

20 साल बाद खाद्यान्न घोटाले का आरोपी गिरफ्तार, 53.50 लाख की सरकारी क्षति का आरोप

बहुचर्चित खाद्यान्न घोटाले में 20 वर्षों से फरार चल रहे वांछित कोटेदार को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) और पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को बांसडीह क्षेत्र के शिवरामपुर गांव से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी दोकटी थाना क्षेत्र के श्रीपतिपुर गांव निवासी जलेश्वर राम (51) है। वह अपने रिश्तेदार के घर छिपकर रह रहा था।

2002 से 2005 के बीच हुआ था घोटाला -

मामला केंद्र और राज्य सरकार की संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना से जुड़ा है। योजना के तहत विकास खंड मुरलीछपरा के विभिन्न गांवों में नाली, खड़ंजा, सीसी रोड, पुलिया और संपर्क मार्गों का निर्माण कराया जाना था। इसमें मजदूरों को मजदूरी के बदले खाद्यान्न (चावल) और नकद राशि देने का प्रावधान था।

आरोप है कि तत्कालीन कार्य प्रभारियों और कोटेदारों ने मिलीभगत कर फर्जी मास्टर रोल तैयार किए। कागजों पर काल्पनिक मजदूरों के नाम दिखाकर खाद्यान्न वितरण दर्शा दिया गया, जबकि वास्तविक मजदूरों को इसका लाभ नहीं मिला। इस तरह करीब 53 लाख 50 हजार रुपये की सरकारी क्षति पहुंचाने का आरोप है।

जिले में दर्ज हुए थे 43 मुकदमे -

इस पूरे घोटाले के संबंध में जिले में कुल 43 मुकदमे दर्ज किए गए थे। जलेश्वर राम के खिलाफ दोकटी थाने में वर्ष 2006 में मुकदमा दर्ज हुआ था। ईओडब्ल्यू की जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद से आरोपी फरार चल रहा था।

वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत ईओडब्ल्यू की टीम ने उसे गिरफ्तार किया। बांसडीह के प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि ईओडब्ल्यू की टीम आरोपी को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है। उसे विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय, आजमगढ़ के समक्ष पेश किया जाएगा।

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