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अधूरा पड़ा कूड़ा निस्तारण केंद्र, सरकारी धन के इस्तेमाल पर उठे सवाल

ग्रामसभा चकखान के चतुरसंथी किशोर मौजा संतिसर में कूड़ा निस्तारण केंद्र अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों ने निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। खंड विकास अधिकारी ने भी जांच कराने की बात कही है।

अधूरा पड़ा कूड़ा निस्तारण केंद्र, सरकारी धन के इस्तेमाल पर उठे सवाल

ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ बनाने और गांवों से निकलने वाले कूड़े का उचित निस्तारण करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च कर कूड़ा निस्तारण केंद्रों का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन ग्रामसभा चकखान के अंतर्गत चतुरसंथी किशोर मौजा संतिसर में बना कूड़ा निस्तारण केंद्र अधूरा पड़ा होने के कारण सरकारी योजना की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में कूड़ा निस्तारण केंद्र का निर्माण तो कराया गया, लेकिन इसे आज तक पूरी तरह तैयार नहीं किया जा सका है। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र की छत का निर्माण कार्य अब तक अधूरा है। इसके बावजूद संबंधित कार्य को लेकर भुगतान किए जाने की चर्चा है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से अब तक यह केंद्र संचालित नहीं हो सका है। ऐसे में गांव में कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था का उद्देश्य भी पूरा नहीं हो रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सचिव, ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों की कथित मिलीभगत से निर्माण कार्य में अनियमितता बरती गई है। उनका कहना है कि जब केंद्र का निर्माण ही पूरा नहीं हुआ और उसका संचालन भी शुरू नहीं किया गया, तो फिर सरकारी धन का भुगतान किस आधार पर किया गया? हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

ग्रामीणों में इस मामले को लेकर काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि सरकार गांवों को स्वच्छ रखने और कूड़े के उचित निस्तारण के लिए योजनाओं पर धन खर्च कर रही है, लेकिन जिम्मेदार लोगों की लापरवाही के कारण योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करने तथा भुगतान संबंधी अभिलेखों का सत्यापन कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए और अधूरे केंद्र का निर्माण पूरा कराकर इसे जल्द चालू कराया जाना चाहिए। वर्जन: खंड विकास अधिकारी विनोद कुमार बिंद ने बताया कि नवानगर ब्लाक अंतर्गत कई गांव में कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाया गया है जो अर्ध निर्मित है, लेकिन लेकिन अगर दीवाल गिर रही है तो उसमें गुणवत्ता की कमी है इसकी जांच जरूर कराई जाएगी

लोगों की जिला प्रशासन पर समस्या हेतु टिकी हुई नजर।

अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और ग्रामीणों को इस समस्या से कब तक निजात मिलती है।

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