पुश्तैनी जमीन की कथित फर्जी बिक्री और कब्जे का आरोप, थाना समाधान दिवस पर न्याय की गुहार
बलिया के सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के सिवान कला गांव में पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। जमीन की कथित कूटरचित बिक्री और कब्जे के आरोप में शिकायत दर्ज कराकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
तहसील सिकंदरपुर के सिवान कला गांव में पुश्तैनी जमीन की कथित फर्जी बिक्री और कब्जे का मामला सामने आया है। इस संबंध में भाजपा नेता विनोद शंकर गुप्ता निवासी सिवान कला ने थाना समाधान दिवस पर शिकायत दर्ज कराकर प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में सिक्किम के नया बाजार में रह रहे पंकज गुप्ता पुत्र स्वर्गीय अशोक कुमार गुप्ता और उनकी माता पानमती गुप्ता की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया है।
शिकायत के अनुसार, पंकज गुप्ता की पुश्तैनी जमीन डीह बसगीत में स्थित है, जो सिकमी संख्या 0432 और 333 पर दर्ज बताई गई है। पंकज गुप्ता ने जमीन की देखरेख और रखवाली की जिम्मेदारी अमरजीत गुप्ता पुत्र स्वर्गीय हरिहर प्रसाद गुप्ता तथा अच्छेलाल गुप्ता पुत्र स्वर्गीय ठाकुर प्रसाद गुप्ता को सौंपी थी।
पंकज गुप्ता का कहना है कि सिक्किम में रहने के बावजूद वह वर्ष में कई बार अपने गांव आते-जाते रहते थे। उनके अनुसार, गांव आने का अंतराल लगभग तीन से छह महीने का रहता था।
आरोप है कि जमीन की देखरेख करने वाले दोनों व्यक्तियों ने कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से जमीन नसीम बानो पत्नी अफाक अहमद सिद्दीकी के नाम बेच दी। पंकज गुप्ता को जब इसकी जानकारी हुई तो वह सिक्किम से सिवान कला पहुंचे और अपनी जमीन देखने गए।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मौके पर जमीन की देखरेख करने वाले व्यक्ति ने जमीन को अपना बताते हुए कहा कि वह उसे बेच चुका है। साथ ही उसने पंकज गुप्ता को पहचानने से भी इनकार कर दिया।
शिकायतकर्ता ने सिवान कला की मतदाता सूची का भी हवाला दिया है। उनके अनुसार, मतदाता सूची में मकान संख्या 276 पर पंकज गुप्ता और उनकी माता पानमती गुप्ता के नाम दर्ज हैं। इसी आधार पर उन्होंने जमीन और पुश्तैनी मकान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है।
भाजपा नेता विनोद शंकर गुप्ता ने प्रशासन से जमीन के राजस्व अभिलेखों और कथित बिक्री दस्तावेजों की जांच कराने तथा संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर ने बताया कि मामला संज्ञान में है। अधीनस्थ अधिकारियों से जांच कराकर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल जमीन की कथित बिक्री और कब्जे से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति राजस्व अभिलेखों, बिक्री दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर होने वाली जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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