बिहार में नदी की गाद से बनेंगे राष्ट्रीय राजमार्ग, केंद्र और राज्य सरकार के बीच समझौता
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में नदी की गाद हटाने और निकाली गई गाद का उपयोग राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में करने के लिए केंद्र और बिहार सरकार के बीच समझौता हुआ।
बिहार में नदियों से गाद (सिल्ट) निकालने और उसका उपयोग राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में करने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार ने समझौता किया है। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में दोनों सरकारों के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते का उद्देश्य नदियों में जमा गाद को हटाने के साथ निकाली गई सामग्री का उपयोग सड़क निर्माण में करना है। इससे नदी प्रबंधन और राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के बीच समन्वय स्थापित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने जल प्रबंधन को बताया बड़ी चुनौती
कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की दो प्रमुख चुनौतियां जनसंख्या और पानी हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में हुए इस समझौते के लिए आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि राज्य की नदियों का बेहतर तरीके से प्रबंधन और नियमन किया जाता है, तो बाढ़ और पानी से जुड़ी आशंकाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने बिहार के लिए जल प्रबंधन को दूसरी बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
‘रिवर संजीवनी’ समझौते से आर्थिक विकास की उम्मीद
सम्राट चौधरी ने इस पहल को ‘रिवर संजीवनी’ समझौते का नाम देते हुए उम्मीद जताई कि इससे बिहार की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि नदियों के बेहतर प्रबंधन और उपलब्ध संसाधनों के उपयोग से राज्य के विकास को नई दिशा मिल सकती है।
इस पहल के तहत नदियों से निकाली गई गाद का उपयोग राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में किया जाएगा। इससे एक ओर नदी तल में जमा सामग्री के प्रबंधन में मदद मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर सड़क निर्माण के लिए सामग्री का वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध हो सकता है।
नदी प्रबंधन और सड़क निर्माण को जोड़ने की पहल
बिहार में नदियों और जल प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियां लंबे समय से विकास और आधारभूत संरचना की योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार के बीच हुआ यह समझौता नदी प्रबंधन को सड़क निर्माण से जोड़ने का प्रयास है।
हालांकि, समझौते के तहत किन नदियों से गाद निकाली जाएगी, परियोजना कब शुरू होगी, कितनी मात्रा में सामग्री निकाली जाएगी और उसके उपयोग के लिए कौन से तकनीकी मानक अपनाए जाएंगे, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध बयान में नहीं दी गई है। इन बिंदुओं पर आगे जारी होने वाली आधिकारिक जानकारी से योजना के वास्तविक दायरे और प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।
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