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दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली, विपक्ष ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब

वोटर लिस्ट से नाम हटाने और चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को घेरा। अखिलेश यादव, शशि थरूर समेत कई नेताओं ने रैली को संबोधित किया।

दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली, विपक्ष ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की मेगा रैली आयोजित की गई। रैली में शामिल विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने, चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और मताधिकार के मुद्दे पर केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग को निशाने पर लिया। कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई।

रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और गठबंधन के अन्य घटक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, रैली में लगाए गए आरोपों और आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों तथा संबंधित दस्तावेजों से की जानी बाकी है।

अखिलेश यादव ने उठाया 1.27 करोड़ वोटों का मुद्दा

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में 1.27 करोड़ वोटों के गायब होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने खुद इस आंकड़े का उल्लेख किया था और सवाल किया कि यह जानकारी किस आधार पर सामने आई। अखिलेश ने कहा कि यदि बड़ी संख्या में लाभार्थियों के वोट गायब होने की बात कही जा रही है, तो इस मुद्दे पर भी जवाब दिया जाना चाहिए।

उन्होंने भाजपा की उत्तर प्रदेश में राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की और विधान परिषद चुनाव में हार के बाद पुनर्गणना की मांग किए जाने का जिक्र किया।

शशि थरूर बोले—मतदाता सूची पूरी तरह साफ होनी चाहिए

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि देश में मतदाता सूची पूरी तरह साफ और विश्वसनीय होनी चाहिए। उन्होंने निर्वाचन आयोग की ओर से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर सवाल उठाया।

थरूर ने दावा किया कि करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा गंभीर है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में सुधार के नाम पर वास्तविक मतदाताओं के संवैधानिक अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए। उनके मुताबिक, निर्वाचन आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न हो।

कांग्रेस नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की

कांग्रेस सांसद रंजीता रंजन ने मतदाता सूची से कथित तौर पर नाम हटाए जाने के मामले में सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने सवाल किया कि 13.5 करोड़ लोगों में से कितने लोगों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए लोगों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मताधिकार को प्रभावित करने की साजिश हो रही है और इसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को जिम्मेदार ठहराया।

कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा कि गठबंधन के घटक दलों के झंडे और पहचान अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन उनका साझा उद्देश्य लोकतंत्र, संविधा और चुनावी निष्पक्षता की रक्षा करना है। उन्होंने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।

कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने आरोप लगाया कि देश में चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त सत्तारूढ़ दल के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक ज्ञानेश कुमार पद से नहीं हटते।

उत्तर प्रदेश सीमा पर रोकने का भी उठाया मुद्दा

समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की सीमा पर युवाओं और किसानों को रोका जा रहा है। उन्होंने इसे भाजपा की घबराहट का संकेत बताया।

कांग्रेस सांसद प्रभा मल्लिकार्जुन ने कहा कि राहुल गांधी के 'चलो दिल्ली' आह्वान ने लोगों को एकजुट किया है। उन्होंने मतदाताओं के अधिकारों के प्रति बढ़ती जागरूकता का जिक्र करते हुए रामलीला मैदान में 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने पर भी सवाल उठाया।

कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने रैली में 10 लाख से अधिक लोगों के जुटने का दावा किया। यह उनका अनुमानित दावा था; वास्तविक उपस्थिति का स्वतंत्र आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

वोट के अधिकार को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात

रैली में शामिल नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनावी निष्पक्षता लोकतंत्र के लिए जरूरी है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखने की बात कही।

रैली में उठाए गए आरोपों पर निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल विपक्ष की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों पर जवाब देने की है।

✓ संपादकीय जाँच: प्रूफ़रीडिंग DP Singh · प्रकाशन की मंज़ूरी DP Singh · हमारे मानक

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