रायबरेली में करणी सेना भारत की बैठक, UGC और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव सहित कई मांगें उठाईं
ऊंचाहार के जमुनापुर में आयोजित बैठक में संगठन ने UGC, SC-ST एक्ट और आरक्षण व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार से विचार करने की मांग की। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रूपेंद्र बहादुर सिंह ने समाज को संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने का आह्वान किया।
करणी सेना भारत ने UGC, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC-ST) अधिनियम और आरक्षण व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी मांगें उठाई हैं। रविवार को क्षेत्र के जमुनापुर स्थित एक निजी मैरिज लॉन में संगठन की बैठक आयोजित की गई। इसमें सवर्ण समाज के हितों, अधिकारों और विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा हुई। संगठन ने इन विषयों पर सरकार से नीतिगत स्तर पर विचार करने की मांग करते हुए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने की बात कही।
बैठक में करणी सेना भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रूपेंद्र बहादुर सिंह उर्फ नन्हे भैया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मां भवानी तथा राजपूत योद्धाओं के चित्रों पर पुष्प अर्पित करके की गई। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
UGC और SC-ST एक्ट में संशोधन की मांग
बैठक में वक्ताओं ने UGC से जुड़े प्रावधानों और SC-ST एक्ट के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक संशोधन की मांग उठाई। संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि कानूनों का उद्देश्य सभी नागरिकों को न्याय और सुरक्षा देना होना चाहिए। उनके अनुसार, किसी भी कानून के दुरुपयोग की आशंका को दूर करने के लिए उचित प्रावधानों पर विचार किया जाना चाहिए।
हालांकि, बैठक में UGC के किस विशिष्ट नियम या प्रावधान में बदलाव की मांग की गई, इसका विस्तृत विवरण सामने नहीं आया। इसी तरह SC-ST एक्ट में प्रस्तावित संशोधनों का कोई औपचारिक मसौदा भी उपलब्ध नहीं कराया गया।
आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और EWS नियम सरल करने की मांग
बैठक में वर्तमान आरक्षण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से जुड़े नियमों को सरल बनाने की मांग भी रखी गई। संगठन के पदाधिकारियों का कहना था कि आरक्षण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित नीतियों पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए, ताकि विभिन्न वर्गों के हितों और उनकी समस्याओं पर विचार किया जा सके।
इसके अलावा, सवर्ण समाज के हितों और अधिकारों से जुड़े मामलों पर विचार करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अलग आयोग गठित करने की मांग की गई। संगठन ने कहा कि इस तरह की संस्था समाज से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए सुझाव देने का माध्यम बन सकती है।
समाज को संगठित करने पर दिया जोर
बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रूपेंद्र बहादुर सिंह ने समाज को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक चुनौतियों के बावजूद निराश होने के बजाय संगठन को मजबूत बनाने और निर्धारित लक्ष्यों की दिशा में काम करने की जरूरत है।
उन्होंने क्षत्रिय समाज सहित अन्य वर्गों को एक मंच पर लाने में आने वाली चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने और सामाजिक मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए मजबूत संगठन जरूरी है।
वक्ताओं ने कहा कि संगठन अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार और संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मांगों पर विचार होने तक संगठन का लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
कई पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिला अध्यक्ष सत्येंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोनू भदौरिया, युवा जिला अध्यक्ष योगेश सिंह, राजेंद्र सिंह, रिंकू सिंह, जितेंद्र सिंह चंदेल और एडवोकेट विजय सिंह भदौरिया सहित संगठन के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने और सामाजिक मुद्दों को लेकर सामूहिक रूप से काम करने के संकल्प के साथ हुआ।
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