खाद की किल्लत सड़क पर उतरने को मजबूर किसान
सहकारी समितियों पर खाद की उपलब्धता कम होने से किसान निजी दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं। लंबी कतारों और आपूर्ति की समस्या के बीच तालबेहट क्षेत्र में किसानों का आक्रोश सड़क पर दिखा।
रबी फसलों की बुवाई के अहम समय में खाद की किल्लत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ललितपुर जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खाद के लिए सुबह से शाम तक भटकने को मजबूर हैं। सहकारी समितियों पर खाद की उपलब्धता नहीं होने से किसानों की उम्मीदें निजी दुकानों पर टिकी हैं, जहां लंबी कतारों के बीच खाद हासिल करने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। खाद की बढ़ती कीमतों और सीमित उपलब्धता के बीच किसानों के सामने समय से बुवाई पूरी करने की चुनौती खड़ी हो गई है। हालात से परेशान किसान परिवारों का आक्रोश अब सड़कों पर भी दिखाई देने लगा है।
खाद के लिए सड़क पर उतरीं महिलाएं
तालबेहट तहसील क्षेत्र के बिजरौठा गांव में खाद की समस्या से परेशान महिलाओं ने नाराजगी जताते हुए सड़क पर जाम लगा दिया था। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों के बीच बढ़ती बेचैनी को दर्शाती है। किसानों का कहना है कि खेती के लिए खाद समय पर नहीं मिली तो बुवाई प्रभावित होने के साथ फसलों की पैदावार पर भी असर पड़ सकता है।
समितियों पर खाद नहीं, दुकानों पर लंबी कतारें
तालबेहट तहसील मुख्यालय और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खाद की दुकानों पर सुबह से ही किसानों की भीड़ जुटने लगती है। किसान दिनभर कतार में खड़े रहकर खाद मिलने का इंतजार करते हैं। सहकारी समितियों पर पर्याप्त खाद नहीं मिलने के कारण किसानों को दूसरे विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं। वहीं, खाद की कीमतें बढ़ने की शिकायतों ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।
कालाबाजारी की आशंका, सुरक्षा के बीच वितरण
खाद की कमी के बीच कालाबाजारी करने वालों की सक्रियता को लेकर भी किसानों में चिंता है। किसानों का आरोप है कि जरूरत के समय खाद आसानी से नहीं मिल रही है। उधर, खाद वितरण के दौरान अव्यवस्था और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था का सहारा लिया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब किसानों को बुवाई के लिए खाद की जरूरत है, तो उसकी पर्याप्त उपलब्धता और सुचारु वितरण सुनिश्चित क्यों नहीं हो पा रहा है।
कृषि विभाग की चुप्पी से किसानों में नाराजगी
खाद संकट को लेकर किसानों की परेशानियां बढ़ रही हैं, लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिलने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। किसानों को यह जानने का इंतजार है कि खाद की आपूर्ति कब सामान्य होगी और समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद कब उपलब्ध कराई जाएगी। रबी की बुवाई के समय पैदा हुई इस समस्या ने कृषि विभाग की तैयारियों और वितरण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
एसडीएम बोले, खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी
इस संबंध में तालबेहट के एसडीएम अभिजीत सिंह का कहना है कि जिन क्षेत्रों में खाद की दिक्कत सामने आ रही है, वहां आपूर्ति के निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों से तसल्ली के साथ धीरे-धीरे बुवाई करने की अपील करते हुए कहा कि खाद की उपलब्धता बनाए रखने के प्रयास किए जाएंगे।
समय पर खाद मिलना किसानों के लिए जरूरी
रबी फसलों की बुवाई के दौरान खाद की उपलब्धता किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती केवल खाद की आपूर्ति बढ़ाने की ही नहीं, बल्कि उसका पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने की भी है। किसानों को समय पर खाद मिले, निर्धारित दरों पर बिक्री हो और कालाबाजारी की शिकायतों की जांच की जाए, तभी उन्हें राहत मिल सकेगी। अब देखना होगा कि प्रशासन के आश्वासन के बाद खाद की किल्लत कितनी जल्दी दूर होती है और किसानों को बुवाई के लिए जरूरी खाद मिल पाती है।
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