परसदेपुर की 13 दिवसीय रामलीला का समापन, घनश्याम मिश्रा को 21 किलो की माला और त्रिशूल भेंटकर किया सम्मानित
रामसागर मैदान में प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ परसदेपुर की ऐतिहासिक रामलीला संपन्न हुई। आयोजन के दौरान वर्षों से अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे घनश्याम मिश्रा को सम्मानित किया गया।
प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक के भव्य आयोजन के साथ परसदेपुर के रामसागर मैदान में 13 दिनों से चल रही ऐतिहासिक रामलीला का समापन हो गया। रविवार को आयोजित अंतिम कार्यक्रम में अयोध्या वापसी और श्रीराम के राजतिलक की झांकी प्रस्तुत की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और जय श्रीराम के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
रामलीला के अंतिम दिन प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक का दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा। राजगद्दी पर विराजमान श्रीराम के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने आस्था व्यक्त की। 13 दिनों तक चले इस आयोजन के दौरान परसदेपुर में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का माहौल बना रहा।
वैदिक विधि-विधान से हुआ पूजन
समापन समारोह में अयोध्या से आए आचार्य आकाश मिश्रा ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कराया। यजमान के रूप में पूर्व प्रधान राधेश्याम मिश्र मौजूद रहे। वहीं वशिष्ठ की भूमिका भगवत प्रसाद पांडे ने निभाई।
भरत मिलाप के आयोजन में स्वर्णकार समाज, दीक्षित परिवार, गौड़ बिरादरी और पासी बिरादरी का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन मेला कमेटी के उपाध्यक्ष रिंकू मिश्रा ने किया।
21 किलो की माला और त्रिशूल भेंटकर घनश्याम मिश्रा का सम्मान
रामलीला के सफल आयोजन और लंबे समय से अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभा रहे घनश्याम मिश्रा को समारोह में सम्मानित किया गया। श्रीराम दल की ओर से डॉ. रवि और शिवम कौशल ने उन्हें 21 किलो की माला पहनाई और त्रिशूल भेंट किया।
इसके अलावा भरत मिलाप कमेटी के अध्यक्ष सुनील चौरसिया ने पटका पहनाकर उनका अभिनंदन किया। अयोध्या से आए आचार्य आकाश मिश्रा ने भी उन्हें अंगवस्त्र भेंट किया। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर घनश्याम मिश्रा ने कहा कि परसदेपुर की रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्षों पुरानी इस परंपरा को सुरक्षित रखना और अगली पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले विभिन्न समाजों, कमेटी के सदस्यों, कलाकारों और नगरवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कलाकारों ने निभाईं रामायण के प्रमुख पात्रों की भूमिकाएं
रामलीला में अनमोल मिश्रा ने श्रीराम, प्रिंस मिश्रा ने लक्ष्मण, आयू पांडे ने सीता, आशीष ने हनुमान, शुभम ने शत्रुघ्न और आदर्श ने भरत की भूमिका निभाई।
आयोजन के दौरान साफ-सफाई, बिजली और पानी की व्यवस्था में नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद कौशल तथा अधिशासी अधिकारी निमिषा भारद्वाज का सहयोग रहा। सुरक्षा व्यवस्था क्षेत्राधिकारी यदुवेन्द्र बहादुर पाल के निर्देश पर चौकी इंचार्ज मोहित भारद्वाज ने संभाली। मंच की साज-सज्जा का कार्य संजय उपाध्याय और आशीष सरोज ने किया।
कार्यक्रम में राम आसरे मिश्रा, महेश विश्वकर्मा, एडवोकेट राम करन पाल, ओपी मौर्य, प्रधान गणेश और चुन्ना मिश्रा सहित अन्य लोगों का भी सहयोग रहा।
13 दिनों तक चले इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन का समापन राज्याभिषेक के साथ हुआ। आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के आदर्शों, त्याग, मर्यादा और भाईचारे का संदेश दिया गया।
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