रायबरेली के नारायणपुर में पेयजल संकट, ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया
डीह ब्लॉक की नारायणपुर ग्राम पंचायत के ग्रामीणों का आरोप है कि ओवरहेड टैंक महीनों से बंद है और उन्हें करीब एक किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
जिले के डीह ब्लॉक की नारायणपुर ग्राम पंचायत में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का दावा है कि गांव के करीब 2,000 लोगों को नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं मिल रही है। ओवरहेड टैंक महीनों से बंद पड़ा है, जिसके कारण लोगों को पानी के लिए करीब एक किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में लगे हैंडपंप और सरकारी नलों के पानी में फ्लोराइड की समस्या है। उनका आरोप है कि इस पानी के इस्तेमाल से लोगों को त्वचा और हड्डियों से जुड़ी परेशानियां हो रही हैं। हालांकि, पानी में फ्लोराइड की मात्रा और उससे होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं की पुष्टि के लिए जल परीक्षण और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट जरूरी है।
सुबह चार बजे से पानी जुटाने की मशक्कत
स्थानीय निवासियों रामकिशोर, रामदेवी, सूरज और मीना ने बताया कि गर्मियों में पानी की किल्लत और बढ़ जाती है। महिलाओं और बच्चों को सुबह करीब चार बजे से पानी के लिए कतार में लगना पड़ता है। दूर से पानी लाने के कारण परिवारों को रोजमर्रा के कामों में भी परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी भरने को लेकर कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती है।
शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं मिलने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल समस्या को लेकर ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और स्थानीय लोगों की ओर से विधायक, सांसद, पूर्व मंत्री तथा भारत सरकार को शिकायतें भेजी गई हैं। उनका दावा है कि कई बार ज्ञापन देने और धरना-प्रदर्शन करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी
पेयजल संकट से नाराज ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं करने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि जब जनप्रतिनिधि पीने के पानी जैसी बुनियादी जरूरत का समाधान नहीं करा पा रहे हैं, तो मतदान करने का क्या औचित्य है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और शासन से ओवरहेड टैंक की मरम्मत कराकर नियमित जलापूर्ति शुरू कराने तथा फ्लोराइड मुक्त पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
फिलहाल, ओवरहेड टैंक बंद होने के कारणों, पानी में फ्लोराइड की वास्तविक मात्रा और शिकायतों पर संबंधित विभाग की कार्रवाई के बारे में आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
रिपोर्ट: अनूप मिश्र
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