रायबरेली में नवंबर के हर शुक्रवार लगेगी ग्राम चौपाल, अधिकारियों का ब्लॉकवार रोस्टर जारी
मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता ने नवंबर 2026 में ग्राम चौपालों के आयोजन के लिए रोस्टर निर्धारित किया है। हर शुक्रवार अलग-अलग विकासखंडों में अधिकारी ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे और उनके निस्तारण की कार्रवाई करेंगे।
ग्रामीणों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान करने के उद्देश्य से रायबरेली में नवंबर महीने के प्रत्येक शुक्रवार को ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपाल आयोजित की जाएंगी। मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता ने इसके लिए विकासखंडवार रोस्टर निर्धारित किया है। इन चौपालों में जिला स्तर के अधिकारी भी शामिल होकर ग्रामीणों की शिकायतें सुनेंगे और उनके निस्तारण की कार्रवाई कराएंगे।
ग्राम चौपाल का उद्देश्य ‘गांव की समस्याएं, गांव में समाधान’ की अवधारणा के तहत ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर अपनी समस्याएं रखने का अवसर देना है।
6 नवंबर को इन विकासखंडों में पहुंचेगे अधिकारी
निर्धारित रोस्टर के अनुसार, 6 नवंबर को परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण छतोह विकासखंड में, जिला विकास अधिकारी राही में, उपायुक्त श्रम रोजगार सलोन में और उपायुक्त स्वतः रोजगार सरेनी विकासखंड की ग्राम चौपाल में प्रतिभाग करेंगे।
13 नवंबर का रोस्टर
13 नवंबर को परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण शिवगढ़ में, जिला विकास अधिकारी लालगंज में, उपायुक्त श्रम रोजगार हरचंदपुर में और उपायुक्त स्वतः रोजगार बछरावां विकासखंड की ग्राम चौपाल में शामिल होंगे।
20 नवंबर को इन क्षेत्रों में होगी सुनवाई
20 नवंबर को परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण दीनशाह गौरा में, जिला विकास अधिकारी रोहनियां में, उपायुक्त श्रम रोजगार महराजगंज में और उपायुक्त स्वतः रोजगार ऊंचाहार विकासखंड में आयोजित ग्राम चौपाल में प्रतिभाग करेंगे।
27 नवंबर को अंतिम ग्राम चौपाल
महीने के अंतिम शुक्रवार यानी 27 नवंबर को परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण डीह में, जिला विकास अधिकारी डलमऊ में, उपायुक्त श्रम रोजगार खीरों में और उपायुक्त स्वतः रोजगार सतांव विकासखंड की ग्राम चौपाल में शामिल होंगे।
ग्रामीणों की शिकायतों के निस्तारण पर रहेगा जोर
मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता के निर्धारित रोस्टर के अनुसार, संबंधित अधिकारी अपने आवंटित विकासखंडों में आयोजित ग्राम चौपालों में से किसी एक में प्रतिभाग करेंगे। वहां ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।
ग्राम चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं संबंधित अधिकारियों के सामने रखने का अवसर मिलेगा। हालांकि, प्रत्येक शिकायत का निस्तारण संबंधित मामले की प्रकृति, जांच और लागू नियमों के अनुसार किया जाएगा।
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