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रायबरेली में मेगा विधिक सहायता शिविर का आयोजन, जनपद न्यायाधीश ने लाभार्थियों को बांटी आवास की चाबियां और प्रमाणपत्र

रिफॉर्म क्लब में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर सरकारी योजनाओं और निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी। लाभार्थियों को आवास की चाबी, टूल किट, डमी चेक और प्रमाणपत्र वितरित किए गए।

रायबरेली में मेगा विधिक सहायता शिविर का आयोजन, जनपद न्यायाधीश ने लाभार्थियों को बांटी आवास की चाबियां और प्रमाणपत्र

आमजन को कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता और सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रविवार को शहर के रिफॉर्म क्लब में मेगा/वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश सैयद माऊज़ बिन आसिम ने की। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया।

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ विभिन्न सरकारी विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों के माध्यम से लोगों को कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सेवाओं और केंद्र तथा प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के तरीकों के बारे में भी बताया गया।

विभिन्न विभागों के स्टॉल का जनपद न्यायाधीश ने किया निरीक्षण

शिविर के उद्घाटन के बाद जनपद न्यायाधीश सैयद माऊज़ बिन आसिम ने विभिन्न विभागों और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्टॉलों के माध्यम से आमजन को दी जा रही सुविधाओं और योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।

स्टॉलों पर लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभ, पात्रता की शर्तों और आवेदन की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। शिविर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि आम नागरिक अपने कानूनी अधिकारों को समझ सकें और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध सरकारी तथा विधिक सहायता सेवाओं का लाभ उठा सकें।

लाभार्थियों को आवास की चाबी, टूल किट और डमी चेक वितरित

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को आवास की चाबियां, टूल किट, डमी चेक और प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इस पहल के जरिए पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और उन्हें योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

शिविर में मौजूद अधिकारियों ने लोगों को योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त करने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करने के लिए प्रेरित किया।

जनपद न्यायाधीश ने बताया विधिक जागरूकता का महत्व

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश सैयद माऊज़ बिन आसिम ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश और जिला प्रशासन के सहयोग से इस शिविर का आयोजन किया गया है। इसका प्रमुख उद्देश्य आम लोगों को विधिक रूप से साक्षर बनाना और उनके अधिकारों तथा उपलब्ध कानूनी सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करना है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक के लिए अपने कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी होना जरूरी है। जब लोगों को यह पता होगा कि जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता कहां और किस प्रकार प्राप्त की जा सकती है, तभी वे अपने अधिकारों का उचित उपयोग कर सकेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि शिविर के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि पात्र व्यक्ति उनका लाभ लेकर अपने जीवन स्तर में सुधार कर सकें। जनपद न्यायाधीश ने आमजन से शिविर में दी गई जानकारी का लाभ उठाने और दूसरे लोगों को भी जागरूक करने की अपील की।

मुख्य विकास अधिकारी ने स्व-गणना प्रक्रिया की जानकारी दी

मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता ने शिविर के सफल आयोजन के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों को बधाई दी। अपने संबोधन में उन्होंने आगामी 16 नवंबर से 30 नवंबर तक प्रस्तावित जनगणना के अंतर्गत स्व-गणना की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने लोगों को इस प्रक्रिया से संबंधित जानकारी समझने और निर्धारित अवधि में इसमें भाग लेने के लिए जागरूक किया।

निःशुल्क कानूनी सहायता और हेल्पलाइन 15100 की जानकारी

कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट प्रतिमा ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से संचालित विभिन्न निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने आमजन को विधिक सहायता प्राप्त करने के तरीकों और हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में बताया।

उन्होंने आगामी 12 दिसंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में भी जानकारी दी। लोक अदालत के माध्यम से ऐसे पात्र मामलों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते और मध्यस्थता के जरिए कराया जा सकता है, जिनका समाधान नियमानुसार इस प्रक्रिया से संभव है।

12 दिसंबर को होगी राष्ट्रीय लोक अदालत

कार्यक्रम के समापन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनिशा ने उपस्थित अतिथियों, न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने बताया कि आगामी 12 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने ऐसे मामलों के निस्तारण के लिए लोक अदालत का लाभ उठाएं, जिनका समाधान कानून के अनुसार आपसी सहमति और सुलह-समझौते से किया जा सकता है।

विधिक सहायता और आवश्यक मार्गदर्शन के लिए आमजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश भूपेन्द्र राय, अपर जिला जज अनिल पंचम, अमित कुमार पाण्डेय, रामनेत, अजय कुमार-तृतीय, गुणेन्द्र प्रकाश, विनोद कुमार-सप्तम, अभिषेक सिन्हा, अंशुमान पटनायक, पल्लवी प्रकाश, अनुपम शौर्य तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पवन कुमार सिंह सहित अन्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उपस्थित रहे।

इसके अलावा मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार शुक्ला, उपायुक्त श्रम रोजगार प्रमोद सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए मुनेश चन्द्र, जिला विकास अधिकारी वर्षा सिंह, उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्य, सहायक श्रमायुक्त उमेश यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी आर.वी. सिंह और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महिमा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा आमजन मौजूद रहे।

✓ संपादकीय जाँच: प्रूफ़रीडिंग DP Singh · प्रकाशन की मंज़ूरी DP Singh · हमारे मानक

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