रायबरेली: पंचायत मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और संशोधन के लिए मिल सकेगा मौका, निर्वाचन आयोग के निर्देश जारी
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत पंचायत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन और विलोपन के आवेदनों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। संबंधित सूचियों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पंचायतों की मतदाता सूची में नाम जोड़ने, मौजूदा विवरण में संशोधन करने और नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय) विनायक शुक्ला ने जिले के सभी उप जिलाधिकारियों और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से आयोग के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
आवेदन मिलने पर होगी जांच
विनायक शुक्ला के अनुसार, पंचायत मतदाता सूची में परिवर्धन, संशोधन या विलोपन के लिए किसी सामान्य निवासी से आवेदन प्राप्त होने पर उसकी जांच की जाएगी। इसके बाद संबंधित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, विवरण में सुधार करने या किसी नाम को हटाने से संबंधित आवेदनों पर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार विचार किया जाएगा।
चुनाव के दौरान नाम जोड़ने और हटाने पर कानूनी प्रावधान
उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 की धारा 9(8) के अनुसार, किसी ग्राम पंचायत के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख के बाद और चुनाव पूरा होने तक मतदाता सूची में सुधार, नाम हटाने या नया नाम जोड़ने की कार्रवाई नहीं की जा सकती।
आयोग के निर्देशों में उत्तर प्रदेश पंचायत राज निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण (पूरक उपबंध) आदेश, 2005 के तहत मतदाता सूची में परिवर्धन, संशोधन और विलोपन की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया गया है।
संशोधित नामों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा
निर्देशों के मुताबिक, जिले में मतदाता सूची में जोड़े गए, संशोधित किए गए या हटाए गए नामों की सूची सुरक्षित रखी जाएगी। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण की अधिसूचना जारी होने पर संबंधित डाटा ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा।
इस प्रक्रिया के तहत पहले से दर्ज परिवर्धन, संशोधन और विलोपन के अनुसार मतदाता सूची को अद्यतन किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अभिलेखों का उचित रखरखाव करें और आयोग के निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
मतदाताओं के लिए क्या मायने हैं?
इस व्यवस्था के तहत पंचायत मतदाता सूची में नाम जोड़ने या विवरण सुधारने के इच्छुक लोगों के आवेदनों पर नियमों के अनुसार विचार किया जा सकेगा। हालांकि, आवेदन जमा करने मात्र से नाम जुड़ना या संशोधित होना सुनिश्चित नहीं है। अंतिम कार्रवाई जांच और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार होगी।
मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने नाम और विवरण की स्थिति जानने के लिए संबंधित निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करें तथा आवेदन और पुनरीक्षण की समयसीमा से जुड़ी आधिकारिक सूचना पर ध्यान दें।
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