सिकंदरपुर में शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव की तैयारी पूरी, 23 अक्टूबर को होगा मतदान
बलिया के सिकंदरपुर स्थित जूनियर हाईस्कूल में शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। यहां कुल 1,436 मतदाता पंजीकृत हैं।
शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर सिकंदरपुर में प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्थानीय जूनियर हाईस्कूल में बनाए गए मतदान केंद्र पर मतदाताओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं। मतदान केंद्र पर सुरक्षाकर्मी भी तैनात दिखाई दिए।
23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। चुनाव को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने मतदान केंद्र पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।
शिक्षक एमएलसी चुनाव में 312 मतदाता
जूनियर हाईस्कूल सिकंदरपुर में शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए कुल 312 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 236 पुरुष और 76 महिला मतदाता शामिल हैं।
वहीं, स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए यहां कुल 1,124 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 627 पुरुष और 497 महिला मतदाता हैं।
इस तरह दोनों निर्वाचन वर्गों को मिलाकर कुल 1,436 मतदाता पंजीकृत हैं। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची अलग-अलग होती है, इसलिए प्रत्येक मतदाता अपने संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में ही मतदान करेगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन का जोर
मतदान केंद्र पर चुनाव संबंधी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। सुरक्षा बनाए रखने और मतदान के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
प्रशासन का प्रयास है कि मतदाताओं को मतदान करने में परेशानी न हो और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।
शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के लिए क्यों अहम है चुनाव?
एमएलसी यानी विधान परिषद सदस्य का चुनाव सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग होता है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में संबंधित पात्र और पंजीकृत मतदाता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पात्र शिक्षक मतदाता वोट डालते हैं, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले और मतदाता सूची में दर्ज स्नातक मतदाता मतदान करते हैं। इन चुनावों के जरिए विधान परिषद में शिक्षक और स्नातक वर्ग का प्रतिनिधित्व तय होता है।
अब सभी की नजर 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान पर है। प्रशासन के सामने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के साथ-साथ मतदाताओं को बिना परेशानी अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अवसर देना प्रमुख जिम्मेदारी होगी।
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