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श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग से भक्तिमय हुआ पूरे राठौरन गांव, कथा में गूंजे जयकारे

ऊंचाहार के पूरे राठौरन गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाया गया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे रहे।

श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग से भक्तिमय हुआ पूरे राठौरन गांव, कथा में गूंजे जयकारे

नगर से जुड़े पूरे राठौरन गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाया गया। कथावाचक महेंद्र कृष्ण कन्हैया जी महाराज ने रोचक अंदाज में कथा का वर्णन किया। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव में लीन रहे और गांव का वातावरण भगवान के जयकारों से गूंज उठा।

कथा शुरू होने से पहले मुख्य यजमान शिव प्रताप सिंह राठौर ने विधि-विधान से भगवान की पूजा-अर्चना की। इसके बाद कथावाचक ने रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाते हुए भगवान श्रीकृष्ण के प्रति माता रुक्मिणी की श्रद्धा और समर्पण का वर्णन किया।

रुक्मिणी के संदेश पर श्रीकृष्ण ने किया विवाह

कथावाचक ने बताया कि विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण के गुणों और वीरता के बारे में सुनकर उन्हें मन ही मन अपना पति मान चुकी थीं। लेकिन उनके भाई रुक्मी भगवान श्रीकृष्ण के विरोधी थे और उनका विवाह शिशुपाल से कराना चाहते थे।

कथा के अनुसार, जब रुक्मिणी को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने ऋषि सदानंद के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण को संदेश भेजा और अंबिका माता के मंदिर से उन्हें अपने साथ ले जाने का निवेदन किया। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण रुक्मिणी को अपने साथ ले गए और दोनों का विवाह हुआ।

भगवत चिंतन से मिलती है मन को शांति

कथावाचक महेंद्र कृष्ण कन्हैया जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य को सांसारिक चिंताओं से ऊपर उठकर भगवत चिंतन का सहारा लेना चाहिए। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से ज्ञान, भक्ति और वैराग्य की भावना विकसित होती है।

उन्होंने कहा कि भागवत कथा मनुष्य को जीवन जीने की कला सिखाती है। जब तक शरीर में चेतना है, तब तक भगवान के नाम और भगवत रस का स्मरण करते रहना चाहिए।

श्रद्धालुओं की रही मौजूदगी

कथा के दौरान ग्राम प्रधान धनराज यादव, गंगा बक्स सिंह, गोलू तिवारी, दिनेश सिंह, कुलदीप सिंह, श्रीकांत सिंह, भानु प्रताप सिंह, वैभव प्रताप सिंह, देवेंद्र सिंह, जय सिंह, लाखन सिंह और आदर्श सिंह सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।

✓ संपादकीय जाँच: प्रूफ़रीडिंग DP Singh · प्रकाशन की मंज़ूरी DP Singh · हमारे मानक

पाठकों की राय (1)

S
Subhash Chandra UCR 3 दिन पहले

Bhagwat Katha ab to prati varsh hony chahiye. Om jai shri Radha Madhav ki

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