ऊंचाहार में 100 साल पुराने आम रास्ते को रेलवे द्वारा बंद किए जाने के विरोध में भाजपा नेता अभिलाष कौशल के नेतृत्व में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा
रायबरेली के ऊंचाहार में रेलवे लाइन के किनारे स्थित पुराने रास्ते को बंद करने की कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने विरोध किया है। भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रांतीय मंत्री अभिलाष कौशल के नेतृत्व में लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर रास्ता बचाने की मांग की।
ऊंचाहार : नगर के लोगों के लिए रेलवे लाइन के किनारे बना पुराना रास्ता अब चिंता का कारण बन गया है। रेलवे विभाग इस रास्ते को बंद करने के लिए खुदाई कराकर बाउंड्रीवाल बनवा रहा है। इससे नाराज स्थानीय लोगों ने विरोध जताया है और प्रशासन से रास्ता बंद करने की कार्रवाई रोकने की मांग की है।
भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रांतीय मंत्री अभिलाष कौशल के नेतृत्व में लोगों ने उपजिलाधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया है कि ऊंचाहार-उन्नाव रेलमार्ग के दक्षिण दिशा में स्थित यह सार्वजनिक रास्ता करीब 100 साल पुराना है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस रास्ते का इस्तेमाल लंबे समय से नगर के लोग और आसपास के ग्रामीण करते आ रहे हैं।
रास्ता बंद हुआ तो किसे होगी परेशानी?
ज्ञापन में बताया गया है कि रास्ते के किनारे करीब 50 दुकानें हैं। इन दुकानों से कई परिवारों की आजीविका चलती है। इसके अलावा, विद्यार्थियों, दुकानदारों और आसपास की बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए भी यह रास्ता रोजाना आने-जाने का माध्यम है।
स्थानीय लोगों का अनुमान है कि करीब 6,000 से 7,000 लोग प्रतिदिन इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। उनका कहना है कि यदि रास्ता पूरी तरह बंद हो गया, तो दुकानदारों के कारोबार पर असर पड़ सकता है और स्कूली बच्चों सहित आम लोगों को दूसरे रास्तों से आना-जाना पड़ेगा।
रेलवे की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि रेलवे विभाग जेसीबी मशीन से खुदाई कराकर बाउंड्रीवाल बनवा रहा है, जिससे पुराने रास्ते को बंद किया जा सकता है। स्थानीय लोगों ने जनहित का हवाला देते हुए प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
उन्होंने आग्रह किया है कि रेलवे विभाग को रास्ता बंद करने की कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए जाएं और सार्वजनिक आवागमन के लिए पुराने रास्ते को सुरक्षित रखा जाए।
इस मामले में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, रेल मंत्री भारत सरकार, खाद्य एवं रसद मंत्री तथा ऊंचाहार के विधायक, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भी ज्ञापन की प्रतियां भेजे जाने की बात कही गई है।
रेलवे सुरक्षा और जनता की सुविधा, दोनों अहम
ऊंचाहार के लोगों का कहना है कि जिस रास्ते को बंद किया जा रहा है, उसका इस्तेमाल लंबे समय से स्थानीय आवागमन के लिए होता रहा है। इसलिए वे चाहते हैं कि प्रशासन और रेलवे विभाग मिलकर ऐसा समाधान निकालें, जिससे रेलवे सुरक्षा के साथ लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें भी प्रभावित न हों।
ज्ञापन देने वालों में ये लोग रहे शामिल
ज्ञापन सौंपने वालों में राहुल गुप्ता, संतोष गुप्ता, महेंद्र यादव, चंद्रिका मौर्य, अनवार, कल्लू मौर्य, हीरालाल गुप्ता, पंडित जितेंद्र द्विवेदी, अनवर अहमद, अब्दुल वसीम, अशोक कुमार अग्रहरि और प्रमोद यादव सहित अन्य लोग शामिल रहे।
फिलहाल स्थानीय लोगों की मांग है कि रास्ता बंद करने से पहले उनकी समस्याओं पर विचार किया जाए और आवागमन का उचित समाधान निकाला जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन और रेलवे विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।
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