रूहुल्लाह मेहदी बोले- सिद्धांतों के समर्थन में जुटे लोग, नए राजनीतिक मंच के दिए संकेत
नेशनल कॉन्फ्रेंस और श्रीनगर लोकसभा सीट से इस्तीफे की घोषणा के बाद अगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने बडगाम में जुटी भीड़ को सिद्धांत आधारित राजनीति का समर्थन बताया। उन्होंने अच्छे और ईमानदार लोगों को साथ लाने की बात कही।
नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) छोड़ने और श्रीनगर लोकसभा सीट से इस्तीफा देने की घोषणा के बाद सांसद अगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने बडगाम में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सभा में जुटी भीड़ उनकी उम्मीद से अधिक थी। उनके मुताबिक, लोग किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं के रूप में नहीं, बल्कि अपनी इच्छा और अपने खर्च पर उन्हें सुनने पहुंचे थे।
रूहुल्लाह ने कहा कि लोग ऐसे व्यक्ति को सुनने आए थे, जो अपने पद और पार्टी से इस्तीफा देने का फैसला कर रहा है। उन्होंने इस उपस्थिति को सिद्धांतों की राजनीति के प्रति लोगों के समर्थन के रूप में पेश किया।
'यह सिद्धांतों की राजनीति की जीत है'
सभा को संबोधित करते हुए रूहुल्लाह ने कहा कि वहां मौजूद लोग किसी पार्टी के संगठन द्वारा नहीं लाए गए थे। उन्होंने दावा किया कि लोग अपने खर्च पर और अपनी इच्छा से सभा में पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि यदि लोग अपने सिद्धांतों के समर्थन में इस तरह एकत्र हो सकते हैं, तो यह उनके लिए और उनके विचारों के लिए बड़ी सफलता होगी। उन्होंने इसे सिद्धांत आधारित राजनीति की जीत भी बताया।
नए राजनीतिक मंच के दिए संकेत
अपने भविष्य के राजनीतिक कदमों के बारे में रूहुल्लाह ने कहा कि वह अच्छे और ईमानदार लोगों को साथ लाने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने कहा कि जब ऐसे लोगों की तलाश पूरी हो जाएगी, तो उन्हें एक मंच से जोड़ना मुश्किल नहीं होगा।
उनके मुताबिक, यदि सभा में दिखाई गई भावना और उद्देश्य के साथ लोग आगे आते हैं, तो उनके साथ मिलकर काम करना आसान होगा। उन्होंने इस प्रक्रिया के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई। हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि अच्छे लोग जल्द सामने आते हैं, तो आगे की प्रक्रिया में कम समय लगेगा।
उनके इस बयान से नए राजनीतिक मंच या संगठन की संभावना के संकेत मिलते हैं, लेकिन उन्होंने इसके गठन की औपचारिक घोषणा या कोई निश्चित तारीख नहीं बताई।
नेशनल कॉन्फ्रेंस से मतभेद का राजनीतिक संदर्भ
रूहुल्लाह मेहदी के नेशनल कॉन्फ्रेंस नेतृत्व के साथ नीतिगत मतभेद पहले भी सार्वजनिक रहे हैं। उन्होंने अनुच्छेद 370, राजनीतिक बंदियों, आरक्षण नीति और चुनाव के दौरान किए गए वादों जैसे मुद्दों पर पार्टी नेतृत्व के रुख पर सवाल उठाए हैं।
पार्टी छोड़ने और लोकसभा सदस्यता से इस्तीफे की घोषणा के बाद उनका यह संबोधन जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक नए राजनीतिक विकल्प की संभावना से जोड़कर देखा जा रहा है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस और अन्य दलों का पक्ष
रूहुल्लाह के इस संबोधन पर नेशनल कॉन्फ्रेंस या अन्य राजनीतिक दलों की कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध कराई गई सामग्री में शामिल नहीं है। इसलिए इस मुद्दे पर संबंधित दलों का पक्ष सामने आने पर उसे रिपोर्ट में शामिल किया जाना चाहिए।
इस्तीफे और आगे की राजनीतिक प्रक्रिया
रूहुल्लाह ने नेशनल कॉन्फ्रेंस और श्रीनगर लोकसभा सीट छोड़ने की घोषणा की है। हालांकि, लोकसभा की सदस्यता औपचारिक रूप से तभी समाप्त होगी, जब लोकसभा अध्यक्ष उनका इस्तीफा स्वीकार करेंगे।
अब यह देखना होगा कि रूहुल्लाह अपने समर्थकों और नए लोगों को किस तरह संगठित करते हैं तथा उनकी पहल आगे चलकर किसी औपचारिक राजनीतिक संगठन का रूप लेती है या नहीं।
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