JDU से निकाले जाने पर अनंत सिंह बोले- चुनाव में पता चलेगा, किसकी कितनी ताकत
जदयू ने मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। फैसले के बाद अनंत सिंह ने नीतीश कुमार के प्रति सम्मान जताया और पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा।
जनता दल (यूनाइटेड) यानी जदयू ने मोकामा के विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी, पूर्व विधायक नीलम देवी को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद अनंत सिंह का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी से निकाले जाने का कोई अफसोस नहीं है और आने वाले चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
न्यूज18 को दिए इंटरव्यू में अनंत सिंह ने कहा कि पार्टी ने उन्हें निकाला है, तो उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपना रुख बदलने वाले नहीं हैं।
नीतीश कुमार के लिए सम्मान, पार्टी नेतृत्व पर निशाना
अनंत सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार के प्रति उनका सम्मान पहले जैसा ही रहेगा। उन्होंने दावा किया कि अगर नीतीश कुमार पार्टी में सक्रिय होते, तो उन्हें बाहर निकालने की हिम्मत कोई नहीं करता।
हालांकि, उन्होंने पार्टी के मौजूदा नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। अनंत सिंह ने कहा कि अब पार्टी में ऐसे लोग फैसले ले रहे हैं, जिनका संगठन में पहले उतना योगदान नहीं रहा। उन्होंने जदयू की चुनावी ताकत पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि आने वाले चुनाव में पार्टी को बड़ा नुकसान हो सकता है।
निशांत कुमार पर क्या बोले अनंत सिंह?
जब अनंत सिंह से निशांत कुमार के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह उनके बारे में कुछ नहीं कहना चाहते। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी आगे जो फैसला करेगी, उन्हें उससे कोई परेशानी नहीं है।
अनंत सिंह ने अपनी विधानसभा सदस्यता खत्म करने की मांग को लेकर भी कहा कि अगर ऐसा किया जाता है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि गलती उनकी नहीं, बल्कि पार्टी की है।
आखिर JDU ने अनंत सिंह पर कार्रवाई क्यों की?
जदयू की बिहार इकाई के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी बयान के मुताबिक, अनंत सिंह पर पार्टी के निर्देशों की अनदेखी करने, शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और विधान परिषद चुनाव में विरोधी दल के उम्मीदवार का प्रचार करने के आरोप थे।
अनंत सिंह ने विधान परिषद चुनाव में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया था। बताया गया कि उन्होंने जदयू के विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार को हराने के लिए प्रचार भी किया। इसी घटनाक्रम के बाद पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई की।
पार्टी ने उनकी पत्नी नीलम देवी की प्राथमिक सदस्यता भी कथित पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में समाप्त कर दी। जदयू ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश भी की है। यह सिफारिश अपने आप में सदस्यता खत्म होने का अंतिम फैसला नहीं है।
आगे क्या करेंगे अनंत सिंह?
फिलहाल अनंत सिंह ने किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने को लेकर कोई फैसला नहीं बताया है। उन्होंने कहा कि जनता ही असली मालिक है और चुनाव आने पर स्थिति साफ हो जाएगी।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि जदयू की कार्रवाई के बाद अनंत सिंह का अगला राजनीतिक कदम क्या होगा और उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर आगे क्या फैसला आता है।
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