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केंद्रीय कैबिनेट के बड़े फैसले: दुष्कर्म और बाल उत्पीड़न मामलों के लिए 850 फास्ट ट्रैक कोर्ट, ऊर्जा भंडारण और खनिज प्रसंस्करण योजनाओं को मंजूरी

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने 850 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों को जारी रखने और मजबूत करने के साथ 92 GWh ऊर्जा भंडारण तथा 24 महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण की योजनाओं को मंजूरी दी है।

केंद्रीय कैबिनेट के बड़े फैसले: दुष्कर्म और बाल उत्पीड़न मामलों के लिए 850 फास्ट ट्रैक कोर्ट, ऊर्जा भंडारण और खनिज प्रसंस्करण योजनाओं को मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय, देश की ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने और महत्वपूर्ण खनिजों के घरेलू प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने के लिए कई अहम फैसलों को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट ने 850 फास्ट ट्रैक अदालतों को जारी रखने और मजबूत करने, 92 गीगावॉट-घंटे (GWh) ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने तथा 24 महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण से जुड़ी योजना को स्वीकृति दी है।

दुष्कर्म और बाल उत्पीड़न के मामलों के लिए 850 फास्ट ट्रैक अदालतें

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दुष्कर्म और बच्चों के यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए स्थापित 850 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों को मजबूत करने और उनकी अवधि बढ़ाने की मंजूरी दी है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में सरकार निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत मौजूदा कानूनों का प्रभावी इस्तेमाल करने, जरूरत पड़ने पर नए कानून बनाने और कानूनों के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया जाएगा।

मंत्री के अनुसार, इन अदालतों को मजबूत करने का उद्देश्य ऐसे संवेदनशील मामलों में न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना और पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने की दिशा में काम करना है।

फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों की व्यवस्था विशेष रूप से दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए की गई है।

92 GWh ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने की मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने के लिए कुल 92 GWh की योजनाओं को भी मंजूरी दी है।

अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, प्रस्तावित क्षमता में 30 GWh बैटरी ऊर्जा भंडारण और 60 GWh पंप्ड-हाइड्रो स्टोरेज शामिल हैं। इन योजनाओं को राज्य सरकारों के सहयोग से देश के विभिन्न हिस्सों में लागू किया जाएगा।

बैटरी स्टोरेज प्रणाली में अतिरिक्त बिजली को बैटरियों में संग्रहित किया जाता है, जबकि पंप्ड-हाइड्रो प्रणाली में अतिरिक्त बिजली का इस्तेमाल पानी को ऊंचाई पर स्थित जलाशय तक पहुंचाने के लिए किया जाता है। जरूरत के समय पानी को नीचे छोड़कर टरबाइन के माध्यम से बिजली पैदा की जाती है।

ऊर्जा भंडारण प्रणालियां बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने में मदद कर सकती हैं। इससे सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों से उत्पादित बिजली का बेहतर उपयोग करने की क्षमता भी बढ़ सकती है।

24 महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण को मंजूरी

कैबिनेट ने 24 चिन्हित महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण को बढ़ावा देने वाली योजना को भी मंजूरी दी है। मंत्री ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य खनन से प्राप्त कच्चे खनिजों और पुनर्चक्रण के माध्यम से उपलब्ध सामग्री को औद्योगिक उत्पादन के लिए उपयुक्त रूप में तैयार करना है।

इस योजना में खदानों से प्राप्त खनिजों के साथ-साथ पुराने उत्पादों और सामग्रियों के पुनर्चक्रण से हासिल महत्वपूर्ण खनिज भी शामिल होंगे।

महत्वपूर्ण खनिज आधुनिक उद्योगों के लिए जरूरी कच्चे माल हैं। इनका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, बैटरी, रक्षा उपकरण, भारी मशीनरी और अन्य औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में होता है।

घरेलू विनिर्माण क्षेत्र को मिल सकता है लाभ

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण की क्षमता बढ़ने से देश के विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, बैटरी और रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों को आवश्यक कच्चा माल उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

खनिजों के पुनर्चक्रण को योजना में शामिल करने से उपलब्ध संसाधनों का दोबारा उपयोग करने और घरेलू आपूर्ति क्षमता बढ़ाने के अवसर भी विकसित हो सकते हैं।

न्याय, ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक क्षमता पर सरकार का जोर

कैबिनेट के इन फैसलों में तीन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है। पहला, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के मामलों में न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करना। दूसरा, देश की बिजली व्यवस्था के लिए ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करना। तीसरा, महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के जरिए घरेलू विनिर्माण क्षेत्र को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना।

✓ संपादकीय जाँच: प्रूफ़रीडिंग DP Singh · प्रकाशन की मंज़ूरी DP Singh · हमारे मानक

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