छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा-किरंदुल में लाल दिखा आसमान, क्या चक्रवात अर्णब से है संबंध?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आसमान गहरे लाल रंग का दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने इस दृश्य की पुष्टि तो नहीं की है, लेकिन विशेषज्ञों ने सूर्यास्त, बादलों और वायुमंडलीय कणों को संभावित कारण बताया है।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और किरंदुल क्षेत्र में आसमान का रंग असामान्य रूप से लाल दिखाई देने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इस दृश्य ने स्थानीय लोगों के साथ सोशल मीडिया यूजर्स का भी ध्यान खींचा है। कुछ लोग इसे चक्रवात अर्णब के प्रभाव से जोड़ रहे हैं, लेकिन मौसम विभाग ने फिलहाल आसमान के रंग और चक्रवात के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं की है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो -
वायरल वीडियो में आसमान गहरे लाल और नारंगी रंग की रोशनी से ढका दिखाई देता है। दावा किया जा रहा है कि ये दृश्य दंतेवाड़ा और किरंदुल क्षेत्र के हैं। चक्रवात अर्णब के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और बादलों की स्थिति के बीच इन दृश्यों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
हालांकि, वायरल वीडियो की वास्तविकता और उसमें दिखाई दे रहे रंग की तीव्रता की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। मौसम विभाग ने भी सोशल मीडिया पर प्रसारित दृश्य को प्रमाणित नहीं किया है। इसलिए इसे चक्रवात का प्रत्यक्ष प्रभाव बताना अभी जल्दबाजी होगी।
मौसम विभाग ने क्या बताया?
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ मौसम विभाग की अधिकारी गायत्री वाणी ने कहा कि विभाग वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं कर सकता। वहीं, मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि ऊंचाई पर मौजूद बादलों और सूर्यास्त के समय प्रकाश की स्थिति के कारण आसमान में नारंगी रंग दिखाई दे सकता है।
सूर्यास्त के दौरान सूर्य की किरणों को वायुमंडल में अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में प्रकाश का प्रकीर्णन होता है और लाल तथा नारंगी रंग अधिक स्पष्ट दिखाई दे सकते हैं। वातावरण में मौजूद धूल, धुआं और अन्य सूक्ष्म कण भी आसमान के रंग को प्रभावित कर सकते हैं।
क्या चक्रवात से लाल आसमान दिखाई दे सकता है?
तेज हवाएं वातावरण में धूल, रेत और मिट्टी के कणों को ऊपर उठा सकती हैं। यदि मिट्टी में आयरन ऑक्साइड जैसे तत्व अधिक हों, तो वातावरण में मौजूद कणों के कारण प्रकाश का रंग प्रभावित हो सकता है। कुछ अंतरराष्ट्रीय घटनाओं में चक्रवात और धूलभरी हवाओं के दौरान आसमान में लालिमा देखे जाने की रिपोर्ट भी सामने आई हैं।
लेकिन किसी अन्य देश या क्षेत्र में ऐसा दृश्य दिखाई देने से यह साबित नहीं होता कि दंतेवाड़ा और किरंदुल में भी इसका कारण वही है। इसके लिए स्थानीय मौसम संबंधी आंकड़ों और वैज्ञानिक जांच की जरूरत होगी।
चक्रवात अर्णब का छत्तीसगढ़ में प्रभाव
भारत मौसम विज्ञान विभाग के 29 अक्टूबर के मौसम बुलेटिन के अनुसार, चक्रवात अर्णब कमजोर होकर दक्षिण छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में अवदाब के रूप में पहुंचा था। इसके प्रभाव से राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बनी रही।
इस तरह लालिमा वाले आसमान के वीडियो और चक्रवात की गतिविधि का समय एक-दूसरे से मेल खाता है, लेकिन दोनों के बीच सीधा कारणात्मक संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है।
फिलहाल इस घटना को लेकर वैज्ञानिक पुष्टि का इंतजार है। इसलिए वायरल वीडियो को किसी प्राकृतिक आपदा का निश्चित संकेत मानने के बजाय मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना जरूरी है।
गलती बताएँ
संबंधित खबरें
दिल्ली की गफ्फार मार्केट में दुकानों में लगी आग, कई दुकानें जलकर हुई खाक
दिल्ली के चावड़ी बाज़ार हादसे के ज़िम्मेदार : तीन ठेकेदार गिरफ्तार
केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को होंगे बंद, अब तक 19 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
पाठकों की राय (0)
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली राय आपकी हो सकती है।