दिलीप घोष का AAP पर हमला, बोले- नशे के आदी लोग नशामुक्त समाज कैसे बनाएंगे?
पश्चिम बंगाल के न्यूटाउन में दिलीप घोष ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों ने शायद कांग्रेस और दूसरी पार्टियों से निराश होकर AAP को वोट दिया था। उन्होंने नशामुक्त समाज बनाने के दावों पर सवाल उठाए।
आम आदमी पार्टी (AAP) को लेकर पश्चिम बंगाल के न्यूटाउन में मंत्री दिलीप घोष ने तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने पार्टी के नशामुक्त समाज बनाने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों को शायद कभी यह उम्मीद ही नहीं थी कि AAP नशे की समस्या को पूरी तरह खत्म कर देगी।
दिलीप घोष के मुताबिक, लोगों ने संभवतः कांग्रेस और दूसरी राजनीतिक पार्टियों से निराश होकर आम आदमी पार्टी को वोट दिया था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जो लोग खुद नशे के आदी हैं, वे समाज को नशामुक्त बनाने में कैसे सफल हो सकते हैं।
AAP की नशे के खिलाफ लड़ाई पर सवाल
दिलीप घोष ने अपने बयान में नशे की समस्या से निपटने की AAP की क्षमता पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि नशामुक्त समाज बनाने के लिए केवल राजनीतिक दावे करना काफी नहीं है, बल्कि इस दिशा में ठोस प्रयास भी जरूरी हैं।
उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय की है, जब नशे की लत और युवाओं पर इसके असर को लेकर देश के कई हिस्सों में चर्चा होती रहती है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच नशे का मुद्दा
नशे की लत केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा होने के साथ-साथ इसका असर व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन पर भी पड़ता है। इससे निपटने के लिए जागरूकता, इलाज, पुनर्वास और नशे की अवैध आपूर्ति पर कार्रवाई जैसे कई कदम जरूरी होते हैं।
३१ दिसंबर 2029 गृहमंत्री की डेड लाइन -
पंजाब में नशे को लेकर केंद्रीय ग्रह मंत्री अमित शाह पहले ही डेड लाइन तय कर चुके है। अमित शाह ने लगातार दोहराया है कि, पंजाब में नशा 31 दिसंबर 2029 के बाद देखने और सुनने को नहीं मिलेगा। शाह ने इशारे-इशारे में नशे के कारोबार के लिए आम आदमी पार्टी को आड़े हाथों भी लिया है।
पंजाब में नशा एक बेहद आम बात हो चुकी है, नई उम्र के बच्चों से लेकर महिलायें तक इसकी गिरफ्त में आ चुकी हैं। नशे को लेकर आए दिन पंजाब में प्रदर्शन भी आम बात है लेकिन सत्ता धारी आम आदमी पार्टी, केंद्र और विपक्षी पार्टियों को निशाने पर लेने के अलावा कोई भी काम करती हुई जमीन पर दिखायी नहीं पड़ती है।
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