भारतीय सेना के पुराने सैन्य उपकरणों को आधुनिक बनाने की तैयारी, दिसंबर में होगा MechTech 2.0
पश्चिमी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र पाल सिंह ने कहा कि ड्रोन, AI और आधुनिक हथियारों के दौर में सेना को अपने मौजूदा सैन्य प्लेटफॉर्म भी बेहतर बनाने होंगे। इसी उद्देश्य से दिसंबर में MechTech Seminar 2.0 आयोजित होगा।
आधुनिक युद्ध में सिर्फ नए हथियार खरीदना ही काफी नहीं है। सेना के पास पहले से मौजूद टैंक, बख्तरबंद वाहन और दूसरे सैन्य प्लेटफॉर्म को भी नई तकनीक से लैस करना जरूरी है। इसी सोच के साथ भारतीय सेना की पश्चिमी कमान ने MechTech Seminar 2.0 की तैयारी शुरू की है।
सोमवार, 26 अक्टूबर को दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र पाल सिंह ने कहा कि ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सटीक निशाना लगाने वाले हथियार युद्ध लड़ने के तरीके बदल रहे हैं। ऐसे में सेना को अपनी मौजूदा सैन्य क्षमता को भी बेहतर बनाना होगा।
MechTech Seminar 2.0 क्या है?
MechTech 2.0 भारतीय सेना की एक पहल है, जिसका उद्देश्य मौजूदा सैन्य उपकरणों को नई तकनीक के जरिए ज्यादा प्रभावी, सुरक्षित और भविष्य की चुनौतियों के अनुकूल बनाना है।
इसका मुख्य विषय है “Transforming Existing Platforms for Future Combat”, यानी मौजूदा सैन्य प्लेटफॉर्म को भविष्य की लड़ाई के लिए तैयार करना।
इस पहल में सेना के साथ रक्षा क्षेत्र की कंपनियां, स्टार्टअप और शिक्षण एवं शोध संस्थान भी जुड़ेंगे। मकसद यह है कि सेना की वास्तविक जरूरतों के हिसाब से भारतीय तकनीक से व्यावहारिक समाधान तैयार किए जाएं।
पुराने सैन्य उपकरणों को आधुनिक बनाना क्यों जरूरी है?
युद्ध के मैदान में ड्रोन से निगरानी, AI की मदद से जानकारी का विश्लेषण और सटीक निशाना लगाने वाले हथियार तेजी से अहम हो रहे हैं। ऐसे में पहले से इस्तेमाल हो रहे सैन्य वाहनों और उपकरणों को नई तकनीक के साथ बेहतर बनाना उनकी उपयोगिता बढ़ा सकता है।
लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र पाल सिंह के मुताबिक, सेना को सिर्फ नई क्षमताएं विकसित करने पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि मौजूदा प्लेटफॉर्म को ज्यादा असरदार और सुरक्षित बनाने के तरीके भी तलाशने चाहिए।
इसका मतलब है कि जहां संभव हो, वहां मौजूदा उपकरणों में तकनीकी सुधार करके उनकी क्षमता बढ़ाई जाए। इससे सेना की जरूरतों के मुताबिक समाधान तैयार करने और स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने का अवसर मिलेगा।
इस बार क्या अलग होगा?
लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने बताया कि इस पहल में नीचे से ऊपर की ओर काम करने का तरीका अपनाया जा रहा है। यानी पहले यह समझा जाएगा कि सैनिकों को जमीन पर किन वास्तविक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, फिर उन समस्याओं के समाधान के लिए तकनीक विकसित की जाएगी।
सेना ने कुछ चुनौतियों की पहचान करके उनके लिए Problem Definition Statements तैयार किए हैं। ये ऐसे दस्तावेज होते हैं जिनमें किसी समस्या और उससे जुड़ी जरूरत को स्पष्ट किया जाता है। इन्हें रक्षा कंपनियों, स्टार्टअप और शिक्षण संस्थानों के साथ साझा किया गया है, ताकि वे व्यावहारिक और किफायती समाधान पेश कर सकें।
मुख्य सम्मेलन कब और कहां होगा?
MechTech Seminar 2.0 का मुख्य कार्यक्रम 14 और 15 दिसंबर 2026 को हरियाणा के चंडीमंदिर मिलिट्री स्टेशन पर आयोजित किया जाएगा। इसका आयोजन भारतीय सेना की पश्चिमी कमान और Society of Indian Defence Manufacturers (SIDM) मिलकर कर रहे हैं।
सम्मेलन में सेना, रक्षा उद्योग और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि अपनी तकनीक और विचार साझा करेंगे। इसका उद्देश्य सैन्य उपकरणों को बेहतर बनाने के लिए स्वदेशी नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देना है।
गलती बताएँ
संबंधित खबरें
दिल्ली की गफ्फार मार्केट में दुकानों में लगी आग, कई दुकानें जलकर हुई खाक
दिल्ली के चावड़ी बाज़ार हादसे के ज़िम्मेदार : तीन ठेकेदार गिरफ्तार
केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को होंगे बंद, अब तक 19 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
पाठकों की राय (0)
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली राय आपकी हो सकती है।