महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले में सौरभ चंद्राकर रायपुर की CBI अदालत में पेश
ओमान से प्रत्यर्पण के बाद सीबीआई सौरभ चंद्राकर को रायपुर लेकर पहुंची। 4 नवंबर को उसे सीबीआई की विशेष अदालत में विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह ठाकुर की पीठ के समक्ष पेश किया गया।
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को बुधवार, 4 नवंबर 2026 को रायपुर की सीबीआई विशेष अदालत में पेश किया गया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम उसे अदालत लेकर पहुंची। चंद्राकर विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह ठाकुर की पीठ के समक्ष पेश हुआ।
चंद्राकर को हाल ही में ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। इसके बाद सीबीआई उसे दिल्ली से रायपुर लेकर पहुंची, ताकि महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले से जुड़े सीबीआई केस में संबंधित विशेष अदालत के समक्ष पेश किया जा सके।
ओमान से भारत लाया गया था चंद्राकर -
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चंद्राकर को ओमान में इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हिरासत में लिया गया था। इसके बाद भारतीय जांच एजेंसियों ने ओमान के अधिकारियों के साथ समन्वय कर उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की। सीबीआई की विशेष टीम उसे 1 नवंबर 2026 को भारत लेकर आई।
भारत पहुंचने के बाद सीबीआई ने उसे दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में पेश किया था। वहां एजेंसी ने उसे रायपुर की अदालत में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड मांगी। अदालत ने सीबीआई को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी और 4 नवंबर तक उसे रायपुर की विशेष अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।
प्रत्यर्पण की शर्तों को लेकर बचाव पक्ष ने उठाए थे सवाल -
दिल्ली की अदालत में सुनवाई के दौरान चंद्राकर के वकील ने प्रत्यर्पण की शर्तों को लेकर आपत्ति जताई थी। बचाव पक्ष का तर्क था कि ओमान से प्रत्यर्पण की मंजूरी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मनी लॉन्ड्रिंग मामले के संबंध में दी गई थी, न कि सीबीआई के मामलों के लिए। इसलिए सीबीआई की ओर से की गई कार्रवाई की वैधता पर सवाल उठाया गया।
वहीं, सीबीआई ने दलील दी थी कि रायपुर की विशेष अदालत पहले ही चंद्राकर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है और ईडी तथा सीबीआई के मामले आपस में जुड़े हुए हैं। दिल्ली की अदालत ने ट्रांजिट रिमांड की अनुमति देते हुए प्रत्यर्पण की शर्तों और सीबीआई मामले में आगे की सुनवाई से जुड़े सवालों पर निर्णय रायपुर की अदालत के अधिकार क्षेत्र में बताया था।
क्या है महादेव ऑनलाइन सट्टा मामला?
महादेव ऑनलाइन बुक ऐप कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़ा मामला है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों सहित विभिन्न गतिविधियों पर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जाता था।
सीबीआई की जांच में आरोप लगाया गया है कि सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को कई बैंक खातों के माध्यम से अलग-अलग लेनदेन में घुमाया गया और हवाला नेटवर्क के जरिए विदेश भेजा गया। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि नेटवर्क को संचालित करने के लिए कुछ सरकारी कर्मचारियों को कथित तौर पर संरक्षण राशि दी गई।
सीबीआई ने इस मामले में आरोपपत्र दाखिल किए हैं और सौरभ चंद्राकर को प्रमुख आरोपियों में शामिल किया है। प्रवर्तन निदेशालय भी इस नेटवर्क से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की अलग से जांच कर रहा है।
रायपुर की विशेष अदालत में पेशी के बाद मामले की आगे की न्यायिक कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में 4 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान सीबीआई की हिरासत संबंधी मांग, बचाव पक्ष की दलीलों और अदालत के अंतिम आदेश का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
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