AI से बदल रहा नौकरी का बाज़ार: छोटे शहरों के युवाओं के लिए क्या मायने
भर्ती करने वालों का कहना है कि नौकरियाँ खत्म होने से तेज़ नौकरी के अंदर काम बदल रहा है
ऑटोमेशन की हर लहर के साथ यही डर आता है कि नौकरियाँ चली जाएँगी। लेकिन भर्ती एजेंसियों से बातचीत में तस्वीर ज़्यादा उलझी हुई दिखती है। डेटा एंट्री और शुरुआती सपोर्ट जैसी नौकरियाँ घट रही हैं, जबकि विषय की समझ और AI टूल दोनों जानने वालों की माँग बढ़ रही है।
सबसे बड़ा बदलाव मौजूदा नौकरियों के भीतर है। अकाउंटेंट, शिक्षक और कस्टमर सर्विस स्टाफ़ से अब AI सहायक इस्तेमाल करने की उम्मीद की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्किलिंग कार्यक्रम अगर सिर्फ़ महानगरों तक सीमित रहे, तो छोटे शहरों के युवा और पीछे छूट जाएँगे।
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