ऑनलाइन दवाइयां बेचने के नाम पर साइबर ठगी, दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
फर्जी वेबसाइट के जरिए दवाइयां और हेल्थ सप्लीमेंट बेचने का झांसा देकर लोगों से पैसे लेने का आरोप है। पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर बैंक खातों में 2.66 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता लगाया है।
ऑनलाइन दवाइयां और हेल्थ सप्लीमेंट बेचने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह का दिल्ली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ईस्ट डिस्ट्रिक्ट की साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में 22 वर्षीय दो आरोपियों, हितेन कुमार और आयुष आर्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दो बैंक खातों में 2.66 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता लगाया है। आरोपियों के पास से एक iPhone 15 Pro भी बरामद हुआ है।
कैसे दिया ठगी को अंजाम?
पुलिस के मुताबिक, आरोपी www.openlifevedixa.com नाम की वेबसाइट के जरिए लोगों को दवाइयां और हेल्थ सप्लीमेंट बेचने का झांसा देते थे। अमृतसर निवासी धर्मवीर सिंह ने शिकायत की थी कि उन्होंने 27 से 30 सितंबर के बीच इस वेबसाइट से सामान खरीदने के लिए करीब 83,257 रुपये ऑनलाइन जमा किए थे। हालांकि, पैसे देने के बाद भी उन्हें सामान नहीं मिला।
शिकायत के आधार पर 21 अक्टूबर को ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के साइबर थाने में FIR दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
बैंक खातों से कैसे जुड़ा ठगी का मामला?
जांच के दौरान पुलिस को आयुष आर्य के नाम पर SBI का बैंक खाता मिला। इसके बाद उसकी महिला मित्र से जुड़े बैंक खाते की भी जांच की गई। पुलिस के अनुसार, दोनों खातों में कुल 2,66,437 रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता चला।
पूछताछ में आयुष ने कथित तौर पर बताया कि उसने अपने और अपनी महिला मित्र के बैंक खातों की जानकारी अपने चचेरे भाई हितेन कुमार को 10 प्रतिशत कमीशन पर दी थी। पुलिस के मुताबिक, ठगी से मिली रकम ATM से निकालकर हितेन को सौंप दी जाती थी।
मोबाइल से क्या मिला अहम सुराग?
पुलिस के अनुसार, हितेन ने पूछताछ के दौरान एक अन्य व्यक्ति के बारे में जानकारी दी, जो कथित तौर पर फर्जी वेबसाइट चला रहा था और ऑनलाइन बिक्री के नाम पर लोगों से पैसे मंगवाता था।
आरोपियों के पास से बरामद iPhone 15 Pro में वेबसाइट का लिंक और दोनों के बीच हुई WhatsApp चैट मिली है। पुलिस अब मोबाइल की जांच कर रही है, ताकि वेबसाइट संचालक, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों की पहचान की जा सके।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
दिल्ली पुलिस इस मामले में कथित फर्जी वेबसाइट के संचालक और साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह ने कितने लोगों को निशाना बनाया और ठगी की कुल रकम कितनी है।
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