जालौन में 4 नवंबर से सजेगा दीपावली सरस मेला, 50 स्टॉलों पर मिलेंगे स्वदेशी उत्पाद
उरई के राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में 4 से 6 नवंबर तक तीन दिवसीय दीपावली सरस मेले का आयोजन होगा। इसमें स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों के 50 स्टॉल लगाए जाएंगे।
स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और स्वदेशी वस्तुओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिले में तीन दिवसीय दीपावली सरस मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला 4 से 6 नवंबर 2026 तक उरई स्थित राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित होगा। मेले की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी समीर ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों और स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि मेले का उद्देश्य स्थानीय हुनर, स्वदेशी उत्पादों और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तैयार होने वाले उत्पादों को मेले में उचित स्थान दिया जाए, ताकि लोगों को एक ही परिसर में दैनिक उपयोग और दीपावली से संबंधित सामग्री उपलब्ध हो सके।
50 स्टॉलों पर प्रदर्शित होंगे स्थानीय उत्पाद
मेले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित 20 स्वयं सहायता समूहों सहित विभिन्न विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं के कुल 50 स्टॉल लगाए जाएंगे।
इन स्टॉलों पर महिलाओं द्वारा तैयार खाद्य पदार्थ, मसाले, अचार, बेसन, दाल, देसी घी, मिलेट्स और जैविक उत्पाद उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा गोबर से बनी सामग्री, मिट्टी के दीपक, मोमबत्तियां, मिट्टी के बर्तन, मूर्तियां, अगरबत्ती, धूपबत्ती, पूजा सामग्री और हस्तनिर्मित सजावटी सामान भी बिक्री के लिए रखे जाएंगे।
मेले में कपड़े, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, लकड़ी के खिलौने सहित कई अन्य स्वदेशी उत्पाद भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मिलेगा बाजार
मेले की खास बात यह होगी कि जिले के अलग-अलग विकासखंडों से आने वाली स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने हाथों से तैयार उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री स्वयं करेंगी।
इससे महिलाओं को अपने उत्पादों की पहचान बनाने, ग्राहकों तक सीधे पहुंचने और आय बढ़ाने का अवसर मिलेगा। वहीं, स्थानीय लोगों को जिले में तैयार किए गए उत्पाद खरीदने का मौका मिलेगा।
साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को मेले में साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सुरक्षा, अग्निशमन और यातायात व्यवस्था समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था करने और मेले का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने पर भी जोर दिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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