मैट्रिमोनियल साइट पर शादी का झांसा देकर ठगी, जालौन साइबर पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
शादी डॉट कॉम और जीवनसाथी डॉट कॉम पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर महिलाओं से ठगी करने का आरोप। पुलिस ने छह मोबाइल, 13 सिम कार्ड, फर्जी डॉक्टरों के पर्चे और कार बरामद की; एक आरोपी फरार है।
मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर शादी का झांसा देकर महिलाओं से रुपये ठगने के आरोप में जालौन साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी शादी डॉट कॉम और जीवनसाथी डॉट कॉम पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर महिलाओं से संपर्क करते थे। विश्वास जीतने के बाद परिवार में बीमारी या दुर्घटना का बहाना बनाकर इलाज के नाम पर पैसे मंगवाते थे। मामले में गिरोह का एक अन्य सदस्य फरार है।
पुलिस अधीक्षक सुरेश चन्द्र रावत ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उमाकांत पटेल पुत्र बलराम पटेल, निवासी कोछाभांवर, नवाबाद, झांसी; रविकांत यादव पुत्र भारत सिंह यादव, निवासी उसरगांव, कोतवाली उरई; और कौशल किशोर उर्फ विक्की चौरसिया पुत्र सीताराम, निवासी उमरारखेड़ा, उरई के रूप में हुई है। गिरोह का चौथा सदस्य मंगल सिंह पुत्र भारत सिंह यादव फरार बताया गया है।
शादी का भरोसा जीतकर बीमारी का बहाना बनाते थे आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी मैट्रिमोनियल वेबसाइटों पर फर्जी पहचान और प्रोफाइल बनाकर महिलाओं से बातचीत शुरू करते थे। कुछ समय तक संपर्क में रहने के बाद वे शादी का भरोसा दिलाकर पीड़ितों का विश्वास जीतते थे।
इसके बाद परिवार के किसी सदस्य के एक्सीडेंट या गंभीर बीमारी में होने की बात कहकर रुपये मांगते थे। पुलिस का आरोप है कि इसके लिए आरोपी फर्जी डॉक्टरों के पर्चे दिखाते थे, ताकि उनकी बात पर भरोसा किया जा सके। इलाज के नाम पर वे सीएससी केंद्रों और मोबाइल दुकानों के क्यूआर कोड के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करवाते थे।
जब पीड़ित महिलाएं रकम वापस मांगती थीं, तो आरोपी उनके मोबाइल नंबर ब्लॉक कर देते थे और संपर्क समाप्त कर लेते थे।
छह मोबाइल, 13 सिम कार्ड और फर्जी पर्चे बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, सात एटीएम कार्ड, दो रबर की मोहरें और स्टांप पैड, डॉक्टरों के आठ खाली और दो भरे हुए पर्चे, दो आधार कार्ड तथा एक बैग बरामद किया है। इसके अलावा, घटना में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त की गई है।
बरामद सामग्री के आधार पर पुलिस गिरोह के काम करने के तरीके और अन्य संभावित पीड़ितों के संबंध में जांच कर रही है।
NCRP पोर्टल पर मिलीं पांच शिकायतें
पुलिस के मुताबिक, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल नंबरों से संबंधित पांच शिकायतें अन्य जनपदों और राज्यों से मिली हैं।
पुलिस ने अब तक 8,04,881 रुपये की ठगी का खुलासा होने की जानकारी दी है। इसके अलावा, झांसी और मध्य प्रदेश के दतिया में लगभग 66 लाख रुपये की ठगी से जुड़े मामले भी सामने आने की बात कही गई है। इन मामलों की विस्तृत जांच और आरोपियों की भूमिका का सत्यापन किया जा रहा है।
आरोपियों के खिलाफ पहले से भी दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी उमाकांत पटेल के खिलाफ झांसी, उरई और दतिया में पांच मुकदमे दर्ज हैं, जबकि रविकांत यादव के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। इन मामलों की प्रकृति और वर्तमान कानूनी स्थिति की जानकारी पुलिस की ओर से अलग से स्पष्ट नहीं की गई है।
फरार आरोपी मंगल सिंह की तलाश की जा रही है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के संभावित मामलों की भी जांच कर रही है।
साइबर थाना पुलिस की टीम ने की गिरफ्तारी
गिरफ्तारी करने वाली टीम में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार, निरीक्षक शिव प्रसाद दुबे, उपनिरीक्षक आयुष गुप्ता, एकांश सिंह, शिवेन्द्र सिंह परमार और साइबर थाने के अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
यह मामला ऑनलाइन वैवाहिक प्लेटफॉर्म पर पहचान और भरोसे का गलत इस्तेमाल कर की जाने वाली ठगी के प्रति सतर्क रहने की जरूरत भी बताता है। किसी अनजान व्यक्ति के बीमारी या आपात स्थिति का हवाला देकर पैसे मांगने पर उसकी पहचान और दावों की स्वतंत्र पुष्टि किए बिना रकम ट्रांसफर नहीं करनी चाहिए।
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