शुक्रवार, 6 नवम्बर 2026 हमारे बारे में संपर्क विज्ञापन दें न्यूज़रूम
सच की खोज
जनता की आवाज़
ज़मीनी हकीकत, जनता की आवाज़
ब्रेकिंग न्यूज़
रायबरेली: टेकारी स्टेट के महल और मंदिर में चोरी का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार

सोनिया गांधी ने लालू यादव से की मुलाकात ! बोले-पुरानी यादें हुईं ताजा

सोनिया गांधी ने RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना। इसके बाद लालू यादव ने UPA सरकार के कार्यकाल को याद करते हुए मनरेगा, शिक्षा का अधिकार (RTE), सूचना का अधिकार (RTI) और बिहार को मिले 1.45 लाख करोड़ रुपये से अधिक के विकास फंड का जिक्र किया।

सोनिया गांधी ने लालू यादव से की मुलाकात ! बोले-पुरानी यादें हुईं ताजा

मुलाकात के बाद लालू यादव को क्यों याद आए UPA के दिन? मनरेगा से RTI तक का किया जिक्र

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना। इस मुलाकात के बाद लालू यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं साझा कीं और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के कार्यकाल को याद किया। उन्होंने इस दौरान मनरेगा, शिक्षा का अधिकार (RTE) और सूचना का अधिकार (RTI) जैसे महत्वपूर्ण कानूनों का जिक्र करते हुए उस दौर की उपलब्धियों को सामने रखा।

सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद लालू यादव ने क्या कहा?

सोनिया गांधी की मुलाकात को लालू यादव ने पुराने राजनीतिक दिनों की यादों से जोड़कर देखा। उन्होंने बताया कि सोनिया गांधी के आने से UPA सरकार के समय की कई यादें ताजा हो गईं। उस दौर में कांग्रेस और RJD के बीच राजनीतिक सहयोग महत्वपूर्ण रहा था। दोनों दलों ने केंद्र में UPA गठबंधन की सरकार के दौरान साथ काम किया था।

इस मुलाकात के जरिए लालू यादव ने न केवल सोनिया गांधी के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया, बल्कि UPA सरकार के कार्यकाल में लिए गए कुछ बड़े फैसलों को भी याद किया। उनके बयान में उस समय की नीतियों और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं का विशेष उल्लेख देखने को मिला।

UPA सरकार के दौर की उपलब्धियों को किया याद

लालू यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली UPA सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कई महत्वपूर्ण कानूनों को याद किया। इनमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) और सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) शामिल हैं।

इन कानूनों को देश में रोजगार, शिक्षा और पारदर्शिता से जुड़े महत्वपूर्ण कदमों के रूप में देखा जाता है। मनरेगा के जरिए ग्रामीण परिवारों को रोजगार की कानूनी गारंटी देने का प्रावधान किया गया। वहीं, शिक्षा के अधिकार कानून ने 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित किया। सूचना का अधिकार कानून ने नागरिकों को सरकारी कामकाज से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का कानूनी माध्यम दिया।

लालू यादव ने इन फैसलों का उल्लेख करते हुए UPA सरकार के समय की नीतियों को याद किया। उनके बयान से यह भी स्पष्ट हुआ कि वे उस दौर को सामाजिक कल्याण और जनहित से जुड़े फैसलों के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानते हैं।

बिहार के विकास के लिए 1.45 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि का जिक्र

लालू यादव ने अपने बयान में बिहार के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में बिहार को मिले 1.45 लाख करोड़ रुपये से अधिक के विकास फंड का जिक्र किया। यह राशि बिहार में विकास से जुड़े प्रयासों के संदर्भ में सामने आई।

बिहार लंबे समय से बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में विकास की चुनौतियों का सामना करता रहा है। ऐसे में राज्य को मिली विकास संबंधी सहायता का उल्लेख करते हुए लालू यादव ने UPA सरकार के कार्यकाल को याद किया।

हालांकि, इस राशि के अंतर्गत आने वाली योजनाओं, परियोजनाओं और वित्तीय आवंटन का अलग-अलग विवरण उपलब्ध होने पर ही इसके उपयोग और प्रभाव का स्पष्ट आकलन किया जा सकता है।

सोनिया गांधी और लालू यादव के बीच पुराने राजनीतिक रिश्ते

सोनिया गांधी और लालू प्रसाद यादव के बीच लंबे समय से राजनीतिक संबंध रहे हैं। UPA सरकार के दौरान दोनों नेताओं के दल गठबंधन का हिस्सा थे। उस समय केंद्र की राजनीति में क्षेत्रीय दलों की भूमिका और गठबंधन की रणनीति काफी अहम रही थी।

सोनिया गांधी की लालू यादव से मुलाकात ऐसे राजनीतिक रिश्तों की याद भी दिलाती है। वहीं, लालू यादव द्वारा UPA सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करना इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा में लाता है।

मुलाकात के राजनीतिक मायने क्या हैं?

इस मुलाकात का एक पक्ष लालू यादव के स्वास्थ्य का हाल जानना है, जबकि दूसरा पक्ष उनके बयान में सामने आई पुरानी राजनीतिक यादें हैं। मनरेगा, RTE, RTI और बिहार के विकास के लिए आवंटित राशि का जिक्र करके लालू यादव ने UPA सरकार के कार्यकाल की नीतियों को फिर से चर्चा में ला दिया।

फिलहाल, इस मुलाकात को लेकर किसी नए राजनीतिक फैसले या गठबंधन संबंधी घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में इसे दोनों नेताओं के पुराने संबंधों और UPA सरकार के दौर की उपलब्धियों को याद करने के संदर्भ में देखा जा सकता है।

✓ संपादकीय जाँच: प्रूफ़रीडिंग DP Singh · प्रकाशन की मंज़ूरी DP Singh · हमारे मानक

पाठकों की राय (0)

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली राय आपकी हो सकती है।

संबंधित खबरें