INDIA ब्लॉक की रैली पर JDU नेता राजीव रंजन का निशाना, विपक्षी एकजुटता पर उठाए सवाल
पटना में JDU नेता राजीव रंजन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई INDIA ब्लॉक की रैली को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने खाली कुर्सियों और चुनावों में विपक्षी दलों के आपसी मुकाबले का मुद्दा उठाया।
दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA ब्लॉक की रैली को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेता राजीव रंजन ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने रैली में खाली कुर्सियों का जिक्र करते हुए विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठाए। राजीव रंजन के मुताबिक, विपक्षी दल सार्वजनिक मंचों पर एक साथ दिखाई देते हैं, लेकिन अलग-अलग राज्यों में चुनाव के दौरान एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतारते हैं।
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान राजीव रंजन ने कहा कि रैली आयोजित करने वाली पार्टियों में भी इसे लेकर बहुत अधिक उत्साह दिखाई नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से रामलीला मैदान में हजारों कुर्सियां खाली नजर आईं।
विपक्षी दलों के आपसी चुनावी मुकाबले पर उठाए सवाल
JDU नेता ने कहा कि INDIA ब्लॉक की बैठकों और रैलियों में विपक्षी नेता एक मंच पर आते हैं, लेकिन इसके बाद कई राज्यों में चुनाव के दौरान उनके दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते दिखाई देते हैं।
उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के बीच चुनावी प्रतिस्पर्धा का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े होते हैं। उनके अनुसार, केवल बैठकें और रैलियां करने से विपक्षी एकता मजबूत नहीं होगी, बल्कि दलों को चुनाव के दौरान भी आपसी तालमेल बनाए रखना होगा।
खरगे की टिप्पणी पर भी दी प्रतिक्रिया
राजीव रंजन ने INDIA ब्लॉक की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खरगे ने बिहार चुनाव को लेकर तल्ख टिप्पणियां कीं। साथ ही उन्होंने विपक्षी नेताओं की ओर से 2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों पर सवाल उठाए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी।
JDU नेता ने कांग्रेस से कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर भी सवाल उठाने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष चुनाव आयोग की भूमिका को चुनावी जीत से जोड़कर सवाल उठा रहा है, तो उसे अपने चुनावी परिणामों पर भी इसी तरह आत्ममंथन करना चाहिए।
2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों का किया जिक्र
राजीव रंजन ने 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि NDA का लक्ष्य 400 सीटें जीतने का था, लेकिन गठबंधन को 240 सीटें मिलीं। उन्होंने सवाल किया कि यदि चुनाव आयोग की वजह से जीत संभव होती है, तो NDA को अपेक्षित संख्या में सीटें क्यों नहीं मिलीं।
उन्होंने विपक्षी दलों को आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर अपनी राजनीतिक स्थिति की समीक्षा करने की सलाह दी। उनके मुताबिक, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को यह समझने की जरूरत है कि वे जनता से दूर क्यों होते जा रहे हैं।
अपने बयान के अंत में राजीव रंजन ने कहा कि यदि विपक्षी दलों ने आत्ममंथन नहीं किया तो भविष्य में उनकी राजनीतिक स्थिति कमजोर हो सकती है। उन्होंने विपक्षी दलों को जनता के बीच अपनी स्वीकार्यता और संगठनात्मक स्थिति पर विचार करने की जरूरत बताई।
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