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यूपी चुनाव 2027 से पहले News18 Mega Survey: NDA को सभी 7 क्षेत्रों में बढ़त, 56% लोगों को Gen-Z से बड़ी भूमिका की उम्मीद

News18 UP Mega Survey के मुताबिक, 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की याद के आधार पर NDA सभी सात क्षेत्रों में SP-कांग्रेस गठबंधन से आगे रहा। सर्वे में युवाओं की भूमिका, जातिगत आरक्षण, राम मंदिर दान चोरी मामले में जिम्मेदारी और विधायकों के प्रदर्शन को लेकर भी अहम आंकड़े सामने आए।

यूपी चुनाव 2027 से पहले News18 Mega Survey: NDA को सभी 7 क्षेत्रों में बढ़त, 56% लोगों को Gen-Z से बड़ी भूमिका की उम्मीद

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले News18 UP Mega Survey में मतदाताओं की राजनीतिक प्राथमिकताओं और सामाजिक मुद्दों को लेकर कई अहम निष्कर्ष सामने आए हैं। Pvalue Analytics के सहयोग से किए गए इस सर्वे में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच प्रदेश के सभी 75 जिलों में 30,925 लोगों से प्रतिक्रियाएं ली गईं।

सर्वे के अनुसार, 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदाताओं को याद रहे वोटिंग पैटर्न के आधार पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) उत्तर प्रदेश के सभी सात क्षेत्रों में समाजवादी पार्टी (SP)-कांग्रेस गठबंधन से आगे रहा।

हालांकि, सर्वे के आंकड़े 2027 के विधानसभा चुनाव का पूर्वानुमान नहीं हैं। ये उत्तरदाताओं की राय और पिछले चुनाव को लेकर उनकी यादों को दर्शाते हैं।

1. यूपी के सातों क्षेत्रों में NDA आगे, दोआब में सबसे मजबूत स्थिति News18 UP Mega Survey के मुताबिक, 2024 के लोकसभा चुनाव में वोटिंग को लेकर उत्तरदाताओं की याद में NDA को सभी सात क्षेत्रों में SP-कांग्रेस गठबंधन पर बढ़त हासिल रही।

दोआब क्षेत्र में NDA का दर्ज किया गया रिकॉल वोट शेयर 71.1% रहा, जबकि रुहेलखंड में यह आंकड़ा 71% था। पूर्वी उत्तर प्रदेश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में SP-कांग्रेस गठबंधन का रिकॉल वोट शेयर सबसे अधिक 32.5% रहा। इसके बावजूद यहां NDA 60.4% के साथ आगे रहा।

ये आंकड़े पिछले लोकसभा चुनाव में मतदान के बारे में उत्तरदाताओं की याद पर आधारित हैं। इन्हें वास्तविक चुनाव परिणामों या आगामी विधानसभा चुनाव में संभावित वोट शेयर के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

2. 56% लोगों को उम्मीद, 2027 के चुनाव में Gen-Z निभाएगी बड़ी भूमिका

सर्वे में शामिल 56% लोगों का मानना है कि Gen-Z यानी नई युवा पीढ़ी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

वहीं, 16.2% उत्तरदाताओं ने इस विचार से असहमति जताई। 14.2% लोगों ने कहा कि उन्हें Gen-Z के बारे में जानकारी नहीं है, जबकि 13.6% उत्तरदाता कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।

राजनीतिक समर्थन के आधार पर इन आंकड़ों में अंतर दिखाई दिया।

BJP/NDA समर्थक: 63.5% का मानना है कि Gen-Z की अहम भूमिका होगी।

SP-कांग्रेस समर्थक: 41.7% ने युवा मतदाताओं की बड़ी भूमिका की उम्मीद जताई।

BSP समर्थक: 35.5% ने Gen-Z की महत्वपूर्ण भूमिका की बात कही।

Gen-Z के बारे में जानकारी के स्तर में भी अंतर सामने आया। BJP/NDA समर्थकों में 11.5% ने कहा कि वे Gen-Z से परिचित नहीं हैं। SP-कांग्रेस समर्थकों में यह अनुपात 19% और BSP समर्थकों में 24.5% रहा।

ये आंकड़े संकेत देते हैं कि युवा मतदाताओं की भूमिका को लेकर धारणा अलग-अलग राजनीतिक समूहों में एक जैसी नहीं है। हालांकि, सर्वे यह साबित नहीं करता कि Gen-Z का वास्तविक मतदान व्यवहार किसी खास पार्टी के पक्ष में जाएगा।

3. जातिगत आरक्षण पर बड़ा मतभेद, 54.8% ने वापसी का समर्थन किया सर्वे का एक प्रमुख निष्कर्ष जातिगत आरक्षण को लेकर सामने आया। उत्तरदाताओं में 54.8% ने जातिगत आरक्षण वापस लेने के पक्ष में राय दी, जबकि 34.4% ने इसे जारी रखने का समर्थन किया। अन्य 10.8% लोगों ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है या वे स्पष्ट जवाब नहीं दे सकते।

सामाजिक वर्गों के आधार पर राय में बड़ा अंतर दिखाई दिया।

सामान्य वर्ग के 69.4% उत्तरदाताओं ने जातिगत आरक्षण वापस लेने का समर्थन किया। दूसरी ओर, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) के 49.7% उत्तरदाताओं ने आरक्षण जारी रखने के पक्ष में राय दी।

उम्र और क्षेत्र के आधार पर भी मतभेद सामने आए। 18 से 25 वर्ष की उम्र के उत्तरदाताओं में 36.9% ने आरक्षण जारी रखने का समर्थन किया। ग्रामीण उत्तरदाताओं में यह आंकड़ा 37.2% रहा।

अवध क्षेत्र में आरक्षण जारी रखने के पक्ष में 42.4% लोगों ने राय दी। वहीं, रुहेलखंड में आरक्षण वापस लेने का समर्थन सबसे अधिक 65.3% रहा।

ये आंकड़े आरक्षण को लेकर समाज में मौजूद अलग-अलग विचारों को दर्शाते हैं। इन्हें पूरे सामाजिक वर्ग की एकसमान राय नहीं माना जाना चाहिए।

4. राम मंदिर दान चोरी मामले में ट्रस्ट के अधिकारियों पर सबसे ज्यादा सवाल

अयोध्या के राम मंदिर में दान की रकम कथित तौर पर चोरी होने के मामले में सर्वे के उत्तरदाताओं ने सबसे अधिक जिम्मेदारी मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों पर डाली।

News18 UP Mega Survey के मुताबिक:

31.2% उत्तरदाताओं ने मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों को जिम्मेदार माना।

20.6% ने नकदी संभालने वाले कर्मचारियों और ठेकेदारों की ओर इशारा किया।

13.7% ने कमजोर निगरानी के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार माना।

24.6% ने सभी संबंधित पक्षों को जिम्मेदार ठहराया।

राजनीतिक पसंद के आधार पर भी प्रतिक्रियाओं में अंतर रहा। BJP/NDA समर्थकों में मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराने की प्रवृत्ति अधिक दिखाई दी, जबकि SP-कांग्रेस और BSP समर्थकों में राज्य सरकार या सभी संबंधित पक्षों को जिम्मेदार मानने वाले उत्तरदाताओं का अनुपात अपेक्षाकृत अधिक रहा।

उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश में 21.2% उत्तरदाताओं ने सीधे राज्य सरकार को जिम्मेदार माना।

महत्वपूर्ण बात: ये आंकड़े लोगों की धारणा और राय को दर्शाते हैं। इनसे कथित चोरी के लिए किसी व्यक्ति, संस्था या सरकार की वास्तविक जिम्मेदारी साबित नहीं होती।

5. 69.1% लोग अपने स्थानीय विधायक से संतुष्ट

सर्वे में स्थानीय विधायकों के प्रदर्शन को लेकर भी सवाल पूछे गए। इसके मुताबिक, 69.1% उत्तरदाता अपने मौजूदा विधायक के काम से बहुत या कुछ हद तक संतुष्ट थे।

क्षेत्रीय स्तर पर रुहेलखंड में संतुष्टि का आंकड़ा सबसे अधिक 79.2% रहा। बुंदेलखंड में यह सबसे कम 65% दर्ज किया गया।

पेशा आधारित आंकड़ों में अकुशल श्रमिकों के बीच अपने विधायक के काम से संतुष्टि 62.3% रही।

हालांकि, सर्वे रिपोर्ट ने यह सावधानी भी जताई कि सर्वे की संरचना के कारण प्रतिक्रियाएं कुछ चुनिंदा विधायकों के आसपास अधिक केंद्रित हो सकती हैं। प्रत्येक विधायक के प्रदर्शन का विश्वसनीय आकलन करने के लिए विधानसभा क्षेत्र के स्तर पर अलग-अलग शोध की आवश्यकता होगी।

इसलिए इन आंकड़ों को हर मौजूदा विधायक के प्रदर्शन की अंतिम रेटिंग नहीं माना जा सकता।

2027 के चुनाव से पहले क्या संकेत देते हैं ये आंकड़े?

News18 UP Mega Survey उत्तर प्रदेश में राजनीतिक समर्थन, युवा मतदाताओं की भूमिका, आरक्षण पर विचारों और स्थानीय विधायकों के प्रति संतुष्टि की एक व्यापक तस्वीर पेश करता है।

सर्वे में NDA को 2024 के लोकसभा चुनाव की याद के आधार पर सभी सात क्षेत्रों में बढ़त दिखाई गई है। साथ ही, 56% उत्तरदाताओं ने 2027 के विधानसभा चुनाव में Gen-Z की महत्वपूर्ण भूमिका की उम्मीद जताई है।

जातिगत आरक्षण और राम मंदिर दान चोरी मामले में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दों पर लोगों की राय अलग-अलग हो सकती है।

लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव में वास्तविक परिणाम कई कारकों पर निर्भर करेंगे। इनमें उम्मीदवारों का चयन, स्थानीय मुद्दे, चुनावी गठबंधन, सरकार के कामकाज का आकलन और मतदाताओं का वास्तविक मतदान व्यवहार शामिल हैं।

✓ संपादकीय जाँच: प्रूफ़रीडिंग DP Singh · प्रकाशन की मंज़ूरी DP Singh · हमारे मानक

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