नेशनल कॉन्फ्रेंस के आंतरिक मामलों में भाजपा का दखल नहीं: राम माधव
जम्मू में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर चल रहे घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है। सरकार गठन के सवाल पर उन्होंने फिलहाल कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के आंतरिक घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उनकी पार्टी का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा नेशनल कॉन्फ्रेंस के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर रही है और पार्टी के विधायकों की ओर से दिए गए बयान उनकी व्यक्तिगत या अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं हो सकते हैं।
जम्मू में मीडिया से बातचीत के दौरान राम माधव ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर चल रही गतिविधियां उसका आंतरिक मामला हैं और पार्टी के नेता आपस में ही मतभेदों का सामना कर रहे हैं।
'NC के आंतरिक मामलों से हमारा कोई लेना-देना नहीं'
राम माधव ने कहा, "हमारा नेशनल कॉन्फ्रेंस के आंतरिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं है। हमारे विधायक जो भी बयान देते हैं, वे अलग-अलग मामले हैं। यह NC का आंतरिक मामला है और वे आपस में ही लड़ रहे हैं।"
उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक सांसद की गतिविधियों का भी उल्लेख किया। राम माधव के मुताबिक, पार्टी के अपने सांसद ने भी अलग होकर कुलगाम और अन्य स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए हैं। उन्होंने सवाल किया कि इन गतिविधियों से भाजपा का क्या संबंध है।
सरकार गठन पर फिलहाल कोई संकेत नहीं
जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन को लेकर पूछे गए सवाल पर राम माधव ने कहा कि इस विषय पर अभी कोई निष्कर्ष निकालने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अंग्रेजी की कहावत का इस्तेमाल करते हुए कहा, "पुल पर पहुंचने के बाद ही उसे पार करने के बारे में सोचना चाहिए।"
उनके इस बयान से फिलहाल सरकार गठन को लेकर भाजपा की ओर से किसी निश्चित योजना या समयसीमा का संकेत नहीं मिलता।
बयान का राजनीतिक संदर्भ
नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर नेताओं के बयानों और अलग-अलग राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चा के बीच राम माधव की यह प्रतिक्रिया सामने आई है। अगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी के पार्टी छोड़ने और श्रीनगर लोकसभा सीट से इस्तीफे की घोषणा के बाद NC के राजनीतिक घटनाक्रम पर भी ध्यान केंद्रित हुआ है।
रूहुल्लाह ने अपने फैसले के पीछे पार्टी नेतृत्व से नीतिगत मतभेदों और जनता से किए गए वादों का मुद्दा उठाया है। राम माधव ने अपने बयान में इस घटनाक्रम को नेशनल कॉन्फ्रेंस का आंतरिक मामला बताया है।
संबंधित दलों का पक्ष और उपलब्ध रिकॉर्ड
राम माधव ने भाजपा की ओर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के मामलों में हस्तक्षेप से इनकार किया है। हालांकि, उनके बयान में भाजपा विधायकों के उन विशिष्ट बयानों का उल्लेख नहीं है, जिनके संदर्भ में सवाल पूछा गया था।
नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से राम माधव की इस टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध कराई गई सामग्री में शामिल नहीं है। इसलिए पार्टी का पक्ष सामने आने पर उसे भी रिपोर्ट में शामिल किया जाना चाहिए।
राजनीतिक प्रभाव
राम माधव का बयान ऐसे समय आया है जब नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर मतभेदों और पार्टी नेताओं की अलग-अलग गतिविधियों को लेकर राजनीतिक चर्चा हो रही है। सरकार गठन पर उनके जवाब से भाजपा ने फिलहाल अपनी रणनीति या किसी संभावित राजनीतिक गठजोड़ को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई है।
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