गाँव की मिट्टी से राष्ट्रीय कैंप तक: एक छोटी हॉकी अकादमी की कहानी
बिना एस्ट्रोटर्फ़ के अभ्यास, फिर भी पाँच खिलाड़ी राष्ट्रीय शिविर में
पंजाब के एक गाँव में रिटायर्ड शिक्षक की शुरू की गई हॉकी अकादमी से इस साल पाँच खिलाड़ी राष्ट्रीय जूनियर शिविर तक पहुँचे हैं। अकादमी के पास आज भी एस्ट्रोटर्फ़ नहीं है।
खिलाड़ी हफ़्ते में दो बार 40 किलोमीटर दूर शहर जाकर टर्फ़ पर अभ्यास करते हैं।
कोच का कहना है कि गाँव में टर्फ़ मिल जाए तो और बच्चे आगे आ सकते हैं।
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