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एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के लिए जालंधर और मोहाली के हॉकी मैदान तैयार, 6 देशों की टीमें दिखाएंगी दम

पंजाब में पहली बार होने जा रही हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के लिए जालंधर और मोहाली के हॉकी मैदानों की मरम्मत और रखरखाव का काम पूरा हो गया है। टूर्नामेंट में भारत समेत छह देशों की टीमें हिस्सा लेंगी।

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के लिए जालंधर और मोहाली के हॉकी मैदान तैयार, 6 देशों की टीमें दिखाएंगी दम

पंजाब में हॉकी प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य पहली बार हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी कर रहा है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले जालंधर और मोहाली के दोनों हॉकी स्टेडियमों में मैदान की सतह को दुरुस्त करने का काम पूरा कर लिया गया है। अब यहां एशिया की छह राष्ट्रीय टीमें खिताब के लिए मुकाबला करेंगी।

टूर्नामेंट के नौवें संस्करण में भारत, बांग्लादेश, चीन, जापान, मलेशिया और दक्षिण कोरिया की टीमें हिस्सा लेंगी। मुकाबलों का पहला चरण 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक जालंधर में खेला जाएगा। इसके बाद सेमीफाइनल 4 नवंबर और फाइनल 5 नवंबर को मोहाली में होगा। दर्शक सभी मैच मुफ्त में देख सकेंगे।

हॉकी मैदान की सफाई और मरम्मत क्यों जरूरी है?

हॉकी में मैदान की सतह का बहुत महत्व होता है। गेंद कितनी तेजी से आगे बढ़ेगी, खिलाड़ियों की स्टिक से निकलने के बाद उसका रास्ता कैसा रहेगा और मैदान पर पानी कितनी जल्दी निकलेगा—ये सभी बातें पिच की स्थिति पर निर्भर करती हैं।

सिंथेटिक हॉकी टर्फ पर लगातार खेल होने से धूल और कचरा जमा होने लगता है। इससे गेंद की गति धीमी हो सकती है और पानी की निकासी भी प्रभावित हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों के लिए मैदान का सही स्थिति में होना इसलिए जरूरी है, ताकि खिलाड़ियों को खेलने के लिए एक समान और भरोसेमंद सतह मिले।

पंजाब सरकार की तैयारियों के तहत हैदराबाद की कंपनी ग्रेट स्पोर्ट्सटेक लिमिटेड ने जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम और मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में टर्फ का रखरखाव किया।

मशीनों से साफ किया गया हॉकी टर्फ

मैदान की सफाई और देखभाल के लिए हॉकी टर्फ पर काम करने वाली खास हॉर्गर मशीनों का इस्तेमाल किया गया। इन मशीनों से टर्फ के रेशों को उठाकर व्यवस्थित किया गया और उनमें जमा धूल व कचरे को हटाया गया। इससे मैदान पर गेंद की गति और पानी की निकासी बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है।

इसके अलावा दोनों मैदानों के जोड़ वाले हिस्सों की जांच की गई और पानी की निकासी से जुड़ी पाइपलाइनों का भी निरीक्षण किया गया। इस पूरी प्रक्रिया का मकसद यही था कि अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों को मैदान पर किसी तरह की परेशानी न हो।

जालंधर के मैदान से जुड़ा है खास रिश्ता

जालंधर का सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम इस टूर्नामेंट के लिए खास महत्व रखता है। ग्रेट स्पोर्ट्सटेक लिमिटेड ने साल 2023 में इसी स्टेडियम में फील्डटर्फ की सतह बिछाई थी। अब इसी मैदान पर भारतीय टीम अपने खिताब को बचाने के अभियान की शुरुआत करेगी।

भारत का पहला मुकाबला बांग्लादेश से होगा। इस स्टेडियम का भारतीय खिलाड़ियों से भी खास जुड़ाव है, क्योंकि टीम के कई खिलाड़ियों ने यहां खेलते हुए अपने हुनर को निखारा है।

पंजाब के युवा खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मौका

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी केवल खिताब जीतने की प्रतियोगिता नहीं है। पंजाब जैसे राज्य में, जहां हॉकी की मजबूत परंपरा रही है, ऐसे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों के लिए काफी अहम हो सकते हैं।

स्थानीय खिलाड़ियों को दुनिया के बेहतरीन हॉकी खिलाड़ियों को करीब से देखने और उनके खेल से सीखने का मौका मिलेगा। वे समझ सकेंगे कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए किस तरह की तैयारी, मेहनत और अनुशासन की जरूरत होती है।

दर्शकों के लिए भी यह खास अवसर है, क्योंकि वे बिना टिकट खरीदे एशिया की शीर्ष टीमों को खेलते हुए देख सकेंगे। अब दोनों मैदान तैयार हैं और सबकी नजरें मुकाबलों पर टिकी हैं। उम्मीद है कि यह टूर्नामेंट पंजाब में हॉकी के प्रति उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भी इस खेल से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा।

✓ संपादकीय जाँच: प्रूफ़रीडिंग DP Singh · प्रकाशन की मंज़ूरी DP Singh · हमारे मानक

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