ब्राज़ील में लूला की ऐतिहासिक जीत, मोदी समेत दुनिया के नेताओं ने दी बधाई
ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर चौथी बार राष्ट्रपति पद जीत लिया है। उनकी जीत पर भारत, पाकिस्तान, कनाडा और दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों के नेताओं ने बधाई दी।
ब्राज़ील में राष्ट्रपति चुनाव का नतीजा आ गया है और लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने एक बार फिर बाजी मार ली है। 80 साल के लूला ने 25 अक्टूबर 2026 को हुए दूसरे चरण के चुनाव में दक्षिणपंथी नेता फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर चौथी बार राष्ट्रपति पद हासिल किया। खास बात यह है कि यह उनका लगातार चौथा कार्यकाल नहीं, बल्कि अलग-अलग समय में जीता गया चौथा राष्ट्रपति कार्यकाल होगा।
लूला की जीत के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई देशों के नेताओं ने उन्हें बधाई दी है। किसी ने व्यापार बढ़ाने की बात कही, तो किसी ने पर्यावरण संरक्षण और विकासशील देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया।
लेकिन इस चुनाव को इतना खास क्यों माना जा रहा है? लूला की जीत का ब्राज़ील की राजनीति और दूसरे देशों के साथ उसके रिश्तों पर क्या असर पड़ सकता है? आइए, आसान भाषा में समझते हैं।
1. लूला ने कितने वोटों से जीत हासिल की?
ब्राज़ील के चुनाव प्राधिकरण, सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट (TSE) के अंतिम आंकड़ों के मुताबिक, लूला को 6.43 करोड़ से ज्यादा वोट मिले। उन्हें कुल वैध मतों का 51.79 प्रतिशत हिस्सा मिला, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.21 प्रतिशत वोट मिले।
दोनों के बीच मुकाबला काफी करीबी रहा। लूला ने लगभग 44 लाख वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
यहां एक बात समझना जरूरी है। ब्राज़ील में राष्ट्रपति चुनाव के लिए अगर पहले चरण में किसी उम्मीदवार को आधे से ज्यादा वैध वोट नहीं मिलते, तो शीर्ष दो उम्मीदवारों के बीच दूसरे चरण का मुकाबला होता है।
इस चुनाव के पहले चरण में फ्लावियो बोल्सोनारो आगे थे, जबकि लूला दूसरे स्थान पर रहे थे। लेकिन दूसरे चरण में लूला ने बढ़त बना ली और चुनाव जीत गए। ब्राज़ील के लोकतांत्रिक इतिहास में पहले चरण में दूसरे स्थान पर रहने के बाद दूसरे चरण में राष्ट्रपति चुनाव जीतने की यह एक ऐतिहासिक घटना मानी जा रही है।
2. लूला चौथी बार राष्ट्रपति कैसे बनेंगे?
लूला का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है। वह ब्राज़ील की वर्कर्स पार्टी यानी Partido dos Trabalhadores (PT) के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। उनकी राजनीति में गरीबों, मजदूरों और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर खास जोर रहा है।
वह पहली बार 2003 में राष्ट्रपति बने और 2010 तक लगातार दो कार्यकाल पूरे किए। इसके बाद 2023 में वह फिर राष्ट्रपति बने। अब 2026 का चुनाव जीतने के बाद उन्हें चौथा राष्ट्रपति कार्यकाल मिलेगा। उनका नया कार्यकाल जनवरी 2027 में शुरू होना है।
इस जीत का एक राजनीतिक महत्व भी है। ब्राज़ील में वामपंथी विचारों वाले लूला और दक्षिणपंथी राजनीति का प्रतिनिधित्व करने वाले बोल्सोनारो परिवार के बीच लंबे समय से राजनीतिक प्रतिस्पर्धा रही है। इस बार का चुनाव भी इसी वैचारिक टकराव का हिस्सा था।
3. नरेंद्र मोदी ने लूला को क्या संदेश दिया?
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लूला की जीत पर बधाई देते हुए कहा कि वह उनके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने भारत और ब्राज़ील के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की इच्छा जताई।
मोदी ने यह भी कहा कि दोनों देश कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने, ग्लोबल साउथ की साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और ज्यादा समावेशी, समानतापूर्ण तथा टिकाऊ दुनिया बनाने के लिए काम कर सकते हैं।
यहां ग्लोबल साउथ का मतलब समझना जरूरी है। यह शब्द आम तौर पर एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के उन विकासशील या उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के लिए इस्तेमाल होता है, जो वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में अपनी भूमिका और आवाज मजबूत करना चाहते हैं।
भारत और ब्राज़ील दोनों बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाएं हैं। दोनों BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय समूहों में भी साथ काम करते हैं। ऐसे में लूला की जीत के बाद मोदी का संदेश दोनों देशों के बीच व्यापार, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाने का संकेत देता है।
4. पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने क्या कहा?
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी लूला को दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान और ब्राज़ील के बीच लंबे समय से चले आ रहे दोस्ताना संबंध आने वाले वर्षों में और मजबूत होंगे।
जरदारी ने व्यापार, निवेश, कृषि और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने की संभावना पर भी जोर दिया।
5. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने क्या कहा?
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा और ब्राज़ील के संबंध पहले ही मजबूत हुए हैं। उन्होंने इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने की बात कही। कार्नी के मुताबिक, दोनों देशों के पास व्यापार के नए अवसर पैदा करने, पर्यावरण की रक्षा करने और अपने नागरिकों के लिए समृद्धि बढ़ाने का मौका है।
6. दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति ने जीत को ग्लोबल साउथ की जीत क्यों कहा?
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने लूला को बधाई देते हुए उनकी जीत को ग्लोबल साउथ और दुनिया भर की प्रगतिशील ताकतों की जीत बताया।
उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका और ब्राज़ील अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोनों देश BRICS और G20 जैसे समूहों में भी सहयोग करते हैं।
7. इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने क्या कहा?
इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने भी लूला को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के देशों के सामने कुछ साझा चुनौतियां हैं और मिलकर काम करने से सभी को फायदा हो सकता है।
नोबोआ के संदेश में क्षेत्रीय सहयोग पर जोर था। इसका मतलब है कि दक्षिण अमेरिका के देश व्यापार, सुरक्षा, आर्थिक विकास और दूसरे साझा मुद्दों पर एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर सकते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि अलग-अलग राजनीतिक विचार रखने वाले नेताओं ने भी लूला की जीत के बाद सहयोग की इच्छा जताई। इससे एक बात साफ़ है कि चुनावी राजनीति में मतभेद होने के बावजूद देशों के बीच व्यापार और कूटनीतिक संबंध महत्वपूर्ण बने रहते हैं।
8. इस जीत का आगे क्या मतलब हो सकता है?
लूला की जीत के बाद ब्राज़ील की विदेश नीति में सहयोग, पर्यावरण और विकासशील देशों की भूमिका जैसे मुद्दे फिर चर्चा में हैं। भारत, कनाडा, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका और इक्वाडोर के नेताओं के संदेशों में भी व्यापार, पर्यावरण, विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषय सामने आए हैं।
लूला के सामने अपने देश की अर्थव्यवस्था, महंगाई, रोजगार और राजनीतिक मतभेदों जैसी घरेलू चुनौतियां भी रहेंगी। उन्हें ऐसे राजनीतिक माहौल में सरकार चलानी होगी, जहां दक्षिणपंथी विचारों का समर्थन करने वाले मतदाताओं की संख्या भी बड़ी है।
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