भारत-गुयाना संबंधों को नई गति, 500 मिलियन डॉलर की क्रेडिट लाइन से बुनियादी ढांचे को मिलेगा समर्थन
एंटीगुआ और बारबुडा में राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन के दौरान गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली ने भारत के साथ तीन समझौतों और निवेश के अगले चरण पर चर्चा की जानकारी दी।
भारत और गुयाना के बीच द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक (CHOGM) से इतर गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. इरफान अली ने भारत के साथ तीन महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर और निवेश के अगले चरण से जुड़ी चर्चा पूरी होने की जानकारी दी। उन्होंने भारत की ओर से प्रस्तावित 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर की क्रेडिट लाइन को गुयाना के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
राष्ट्रपति इरफान अली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्षेत्रीय यात्रा के बाद भारत की ओर से कैरेबियाई क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के ठोस प्रयास किए गए हैं। इसमें मानव संसाधन विकास, बुनियादी ढांचा, तकनीक हस्तांतरण, स्वास्थ्य सेवाएं और पर्यावरण से जुड़े क्षेत्र शामिल हैं।
सड़क, राजमार्ग और रक्षा क्षेत्र में निवेश
इरफान अली के अनुसार, 500 मिलियन डॉलर की क्रेडिट लाइन से गुयाना में कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को सहायता मिल सकती है। इनमें सड़क निर्माण, मुख्य राजमार्गों का विकास और रक्षा एवं सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क बेहतर होने से नए आवासीय क्षेत्रों और हजारों आवासीय भूखंडों तक पहुंच आसान हो सकती है। इससे क्षेत्रीय विकास और आवागमन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य सेवाओं और सस्ती दवाओं पर सहयोग
गुयाना के राष्ट्रपति ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की स्वास्थ्य संबंधी पहल का उल्लेख करते हुए सस्ती दवाओं की उपलब्धता, तकनीक हस्तांतरण और दोनों देशों की स्वास्थ्य सेवाओं के बीच समन्वय बढ़ाने की बात कही।
उनके मुताबिक, भारत के साथ इस तरह का सहयोग गुयाना की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
भारत के साथ संबंध मजबूत करने पर जोर
इरफान अली ने भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध विकसित हो रहे हैं। उन्होंने भविष्य में इस साझेदारी को और विस्तार देने की इच्छा व्यक्त की, ताकि दोनों देशों के नागरिकों को इसका लाभ मिल सके।
राष्ट्रपति के बयान के अनुसार, भारत और गुयाना के बीच सहयोग अब केवल कूटनीतिक संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, तकनीक और मानव संसाधन विकास जैसे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रहा है।
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