राहुल गांधी के बहस के चैलेंज पर हिमंत बिस्वा सरमा का जवाब, बोले- संसद में चर्चा करें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देने वाले राहुल गांधी पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ बहस सड़क पर नहीं, संसद में होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देने के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जवाब दिया है। सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ बहस किसी सड़क या गली में नहीं, बल्कि संसद में होनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से संसद में शांतिपूर्ण तरीके से चर्चा करने की अपील भी की।
हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी के दिवाली संदेश का जिक्र करते हुए उनके हाथ में गुलाब का फूल होने पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी, आपने कल एक वीडियो पोस्ट किया। आपके हाथ में गुलाब का फूल था और आप प्रधानमंत्री को दिवाली की शुभकामनाएं दे रहे थे। गुलाब तो वैलेंटाइन डे पर दिया जाता है, दिवाली पर नहीं।"
सरमा ने इसके बाद राहुल गांधी की नेता प्रतिपक्ष के रूप में भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या उन्हें पता है कि विपक्ष के नेता के तौर पर प्रधानमंत्री के साथ बहस कहां होनी चाहिए।
राहुल गांधी को संसद में बहस करने की सलाह
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यदि राहुल गांधी प्रधानमंत्री के साथ किसी मुद्दे पर बहस करना चाहते हैं तो उसके लिए संसद उपयुक्त मंच है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद में चर्चा और बहस की व्यवस्था मौजूद है।
सरमा ने कहा कि संसद में कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। उन्होंने बोफोर्स मामले और भोपाल गैस त्रासदी का उदाहरण देते हुए कहा कि राहुल गांधी बहस की शुरुआत करें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसका जवाब दें।
उन्होंने यह भी कहा कि इस बार संसद में हंगामा नहीं होना चाहिए और चर्चा शांतिपूर्ण ढंग से होनी चाहिए। सरमा ने सवाल किया कि राहुल गांधी लोगों को बहस के लिए सड़कों पर क्यों बुलाना चाहते हैं।
बांग्लादेश और नेपाल का भी किया जिक्र
अपने बयान में हिमंत बिस्वा सरमा ने बांग्लादेश और नेपाल का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की राजनीतिक परिस्थितियों की तुलना इन देशों से नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि लोगों को कमतर नहीं समझना चाहिए। सरमा ने कांग्रेस नेता की राजनीतिक शैली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह हमेशा 'नाराज युवा' की भूमिका में नहीं रह सकते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि राहुल गांधी एक अच्छे राजनेता के रूप में आगे बढ़ना चाहते हैं तो उन्हें संसद में मुद्दों पर शांतिपूर्ण और सार्थक बहस करनी चाहिए।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को दी थी खुली बहस की चुनौती
इससे पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी थी। वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए हाथ में गुलाब का फूल दिखाया था।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से कहा था कि वह किसी भी मंच और स्थान पर उनके साथ बहस करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने विपक्ष को देशविरोधी बताए जाने और विदेशी ताकतों से कथित संबंधों के आरोपों पर खुली चर्चा की मांग की थी।
राहुल गांधी ने प्रस्तावित बहस के लिए मीडिया और युवाओं की मौजूदगी का भी सुझाव दिया था। उन्होंने वित्तीय व्यवस्था, भारत-अमेरिका समझौते, अदाणी मामले और अन्य राजनीतिक मुद्दों को चर्चा के संभावित विषयों में शामिल किया था।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच संसद में बहस पर जोर
हिमंत बिस्वा सरमा का बयान राहुल गांधी की चुनौती के जवाब में भाजपा की ओर से आया है। सरमा ने बहस के मंच को लेकर अपना पक्ष रखते हुए संसद में चर्चा की वकालत की, जबकि राहुल गांधी ने खुली और सार्वजनिक बहस का प्रस्ताव दिया था।
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