रामलीला मैदान की INDIA गठबंधन रैली में राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ का आरोप, ममता बनर्जी ने SIR को लेकर केंद्र पर साधा निशाना
दिल्ली की रैली में राहुल गांधी ने कई राज्यों के चुनावों में मतदाता सूची और EVM के जरिए गड़बड़ी का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जबकि कांग्रेस नेता दीपा दासमुंशी ने विपक्षी एकता का दावा किया।
दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की बड़ी रैली में विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश के कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनाव में वोटों की चोरी हुई। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और मतदाता सूची में नाम जोड़ने तथा हटाने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
रैली में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी SIR के मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल इस प्रक्रिया के कारण प्रभावित हो रहा है और उनकी पार्टी इसके खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। कांग्रेस नेता दीपा दासमुंशी ने विपक्षी दलों की एकजुटता को रेखांकित करते हुए दावा किया कि एकजुट विपक्ष देश की सत्ता में आएगा।
राहुल गांधी का आरोप- कई चुनावों में हुई वोटों की चोरी
रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में कई वर्षों से वोट चोरी हो रही है। उन्होंने मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक के चुनावों के साथ 2024 के लोकसभा चुनाव का उल्लेख किया। राहुल गांधी का आरोप था कि इन चुनावों में EVM के इस्तेमाल और मतदाता सूची में नाम हटाने तथा जोड़ने के जरिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।
उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद देश के 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। इस आधार पर उन्होंने 2024 के चुनाव को अवैध और चोरी का चुनाव बताया। राहुल गांधी ने कहा कि यह उनका अपना दावा नहीं है, बल्कि निर्वाचन आयोग की ओर से सामने आई जानकारी है।
हालांकि, राहुल गांधी के 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए जाने और निर्वाचन आयोग द्वारा इस दावे की पुष्टि किए जाने संबंधी बयान को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित करने के लिए आयोग के संबंधित आंकड़ों और आधिकारिक दस्तावेजों की जांच जरूरी है। मतदाता सूची में नाम हटाए जाने की प्रक्रिया और उसके कारणों का आकलन भी आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना चाहिए।
ममता बनर्जी ने SIR को लेकर जताया विरोध
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रैली में भारतीय जनता पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने राम जन्मभूमि और वक्फ संपत्तियों से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इन मामलों में धन और संपत्तियों को लेकर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास अपना संगठनात्मक ढांचा मजबूत नहीं है और वह राजनीतिक काम के लिए पुलिस का इस्तेमाल करती है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय एजेंसियां भाजपा के साथ काम नहीं करतीं। ये सभी आरोप उनके राजनीतिक भाषण का हिस्सा हैं; इनके समर्थन में रैली के दौरान कोई विस्तृत दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने का विवरण उपलब्ध नहीं है।
'बंगाल के लोग पीछे नहीं हटेंगे'
SIR को लेकर ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल इस प्रक्रिया से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पीछे नहीं हटेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि उनकी पार्टी लड़ाई जारी रखेगी, लेकिन समर्पण नहीं करेगी। ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल को बचाने और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए राजनीतिक तथा लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी अपनी लड़ाई लोकतंत्र के माध्यम से लड़ेगी।
उनके बयान में 'बदला' लेने की बात भी सामने आई, लेकिन उन्होंने इसे राजनीतिक और लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देने के संदर्भ में रखा। उनका भाषण मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल में SIR और भाजपा के खिलाफ राजनीतिक विरोध पर केंद्रित रहा।
दीपा दासमुंशी ने विपक्षी एकता का दावा किया
रैली में कांग्रेस नेता दीपा दासमुंशी ने कहा कि विपक्ष एकजुट है और आने वाले समय में एकजुट विपक्ष देश का नेतृत्व करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी में शामिल लोगों को जेल जाना पड़ेगा।
उनका बयान रैली में विपक्षी दलों की एकजुटता और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ साझा राजनीतिक अभियान को दर्शाता है। हालांकि, किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी या गिरफ्तारी का निर्णय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही हो सकता है।
चुनावी पारदर्शिता और SIR पर बढ़ी राजनीतिक बहस
रामलीला मैदान की इस रैली में विपक्षी नेताओं के भाषणों से साफ रहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनावी पारदर्शिता INDIA गठबंधन के प्रमुख राजनीतिक मुद्दे बने हुए हैं। राहुल गांधी ने EVM और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर आरोप लगाए, जबकि ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में SIR की प्रक्रिया का विरोध किया।
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