शेफाली वर्मा का वर्ल्ड रिकॉर्ड, भारत ने जिम्बाब्वे को 9 विकेट से हराकर जीती सीरीज
रायपुर में भारतीय महिला टीम ने जिम्बाब्वे को 9 विकेट से हराकर तीन मैचों की टी-20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। शेफाली वर्मा ने 55 रन की तूफानी पारी खेली और साल में 922 टी-20 इंटरनेशनल रन पूरे किए।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी-20 मैच में ऐसा प्रदर्शन किया कि मुकाबला लगभग एकतरफा हो गया। रायपुर में खेले गए इस मैच में भारत ने जिम्बाब्वे को 9 विकेट से हरा दिया। जिम्बाब्वे की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 102 रन ही बना सकी। जवाब में भारत ने सिर्फ 8.5 ओवर में एक विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस जीत के साथ भारतीय टीम ने तीन मैचों की टी-20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। यानी अब आखिरी मुकाबले में हारने के बावजूद सीरीज भारत के हाथ से नहीं निकलेगी।
मैच में सबसे ज्यादा चर्चा शेफाली वर्मा की बल्लेबाजी की रही। उन्होंने महज 25 गेंदों पर 55 रन बनाए। कप्तान स्मृति मंधाना ने भी उनका अच्छा साथ दिया और 25 गेंदों पर नाबाद 47 रन की पारी खेली।
शेफाली वर्मा ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड
शेफाली वर्मा के लिए यह पारी सिर्फ एक तेज अर्धशतक नहीं थी। इसके साथ ही उन्होंने साल 2026 में महिला टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने कुल रन 922 तक पहुंचा दिए।
इस आंकड़े के साथ शेफाली एक कैलेंडर वर्ष में महिला टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गईं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की लौरा वोल्वार्ड्ट को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 2026 में 824 रन बनाए थे।
आसान भाषा में समझें तो शेफाली ने एक ही साल में इस फॉर्मेट में दुनिया की दूसरी बल्लेबाजों के मुकाबले ज्यादा रन बना लिए हैं। यह रिकॉर्ड बताता है कि इस साल उनका बल्ला लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।
शेफाली ने जिम्बाब्वे के खिलाफ भी शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने गेंदों को मैदान के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाया और जल्दी अर्धशतक पूरा कर लिया। उनकी पारी ने भारत के लिए लक्ष्य का पीछा करना बेहद आसान बना दिया।
शेफाली और स्मृति ने मिलकर जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को दबाव में रखा
103 रन का लक्ष्य टी-20 क्रिकेट में बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन भारत की शुरुआत जिस अंदाज में हुई, उसने मुकाबले को और भी आसान बना दिया।
शेफाली और स्मृति मंधाना ने पहले विकेट के लिए 96 रन की साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और लगातार रन बनाती रहीं।
शेफाली 55 रन बनाकर आउट हुईं, लेकिन तब तक भारत जीत के बेहद करीब पहुंच चुका था। इसके बाद स्मृति मंधाना ने नाबाद रहते हुए टीम को जीत दिला दी।
स्मृति की 47 रन की पारी भी उतनी ही अहम रही। उन्होंने शेफाली के साथ मिलकर शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बनाए और जिम्बाब्वे को वापसी का मौका नहीं दिया।
भारतीय महिला टीम ने साल की 17वीं टी-20 जीत दर्ज की
इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने 2026 में अपनी 17वीं टी-20 इंटरनेशनल जीत दर्ज की। यह एक कैलेंडर वर्ष में टीम की सबसे ज्यादा जीत का रिकॉर्ड है।
इससे पहले भारत ने 2018 में एक साल के दौरान 16 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले जीते थे। अब 2026 में टीम उस आंकड़े को पीछे छोड़ चुकी है।
यह उपलब्धि भारतीय महिला टीम के लगातार अच्छे प्रदर्शन को दिखाती है। टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अच्छा संतुलन दिखाया है। हालांकि, साल के अंत तक टीम का प्रदर्शन कैसा रहता है, यह आने वाले मुकाबलों में पता चलेगा।
जिम्बाब्वे की टीम 102 रन तक ही पहुंच सकी
इससे पहले जिम्बाब्वे ने टॉस के बाद बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 102 रन बनाए और उसके 8 विकेट गिर गए। टीम की ओर से चिपो मुगेरी-तिरिपानो ने सबसे ज्यादा 34 रन बनाए, जबकि कप्तान जोसेफिन नकोमो ने 27 रन की पारी खेली।
दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 45 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी से जिम्बाब्वे को कुछ राहत मिली, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर उसे बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया।
भारत की ओर से निकी प्रसाद सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने 7 रन देकर 2 विकेट लिए। दीप्ति शर्मा, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़ और श्री चरणी को एक-एक विकेट मिला। जिम्बाब्वे की पारी में तीन बल्लेबाज रन आउट भी हुईं।
निकी प्रसाद ने लगातार दो गेंदों पर झटके दो विकेट
भारतीय गेंदबाज निकी प्रसाद ने मैच में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 14वें ओवर में अपनी पहली दो गेंदों पर लगातार दो विकेट लिए।
पहली गेंद पर चिपो मुगेरी-तिरिपानो का कैच विकेटकीपर ऋचा घोष ने पकड़ा। अगली गेंद पर न्याशा ग्वांजुरा एलबीडब्ल्यू आउट हो गईं। ग्वांजुरा अपना खाता भी नहीं खोल सकीं।
लगातार दो गेंदों पर विकेट मिलने से जिम्बाब्वे की पारी पर दबाव और बढ़ गया। हालांकि निकी प्रसाद हैट्रिक नहीं ले सकीं, लेकिन उनके इस प्रदर्शन ने भारत को मैच में मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
अब तीसरे टी-20 में क्या होगा?
भारत सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुका है। अब दोनों टीमें 20 अक्टूबर को तीसरे और आखिरी टी-20 मुकाबले में आमने-सामने होंगी।
भारतीय टीम की कोशिश होगी कि वह आखिरी मैच जीतकर सीरीज का अंत भी जीत के साथ करे। वहीं जिम्बाब्वे की टीम अंतिम मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करके सीरीज में जीत का खाता खोलना चाहेगी।
इस मैच से भारतीय टीम को दो बड़ी उपलब्धियां मिलीं—शेफाली वर्मा का साल में सबसे ज्यादा टी-20 इंटरनेशनल रन बनाने का रिकॉर्ड और टीम की एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा टी-20 जीत का आंकड़ा। भारत के लिए यह जीत सिर्फ सीरीज में बढ़त नहीं, बल्कि उसके मौजूदा प्रदर्शन की मजबूती का संकेत भी है।
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