लाहौर में लश्कर आतंकी अबू हाशिम की मौत, सीढ़ियों से गिरने की खबर पर उठे सवाल
पाकिस्तान के लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ आतंकी चौधरी मुहम्मद सरवर उर्फ अबू हाशिम की मौत की खबर है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, वह गिरने से घायल हुआ था। हालांकि, मौत की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पाकिस्तान के लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ सदस्य चौधरी मुहम्मद सरवर उर्फ अबू हाशिम की मौत हो गई है। पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, वह मस्जिद में नमाज पढ़ने जा रहा था, तभी गिर पड़ा। इस घटना में उसके सिर पर गंभीर चोट लगी, जिससे उसकी मौत हो गई।
हालांकि, उसकी मौत कैसे हुई, इसे लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में सीढ़ियों से गिरने की बात कही गई है, जबकि कुछ में लाहौर के मार्कज कुदसिया परिसर की चौथी मंजिल से गिरने का दावा किया गया है। पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग के प्रवक्ता ने मौत की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी।
कौन था अबू हाशिम?
चौधरी मुहम्मद सरवर को अबू हाशिम के नाम से भी जाना जाता था। वह लश्कर-ए-तैयबा का वरिष्ठ सदस्य और हाफिज सईद का करीबी बताया जाता था। उसने लंबे समय तक लाहौर में संगठन की जिम्मेदारी संभाली और उसके वित्तीय नेटवर्क में भी अहम भूमिका निभाई।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने 2016 में उसे विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। अमेरिकी अधिकारियों ने उस पर लश्कर की गतिविधियों के लिए धन जुटाने और उसे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में भूमिका निभाने के आरोप लगाए थे।
सरवर पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग का पंजाब अध्यक्ष भी था। इस पार्टी को हाफिज सईद के संगठनात्मक नेटवर्क से जुड़ा माना जाता है।
कर्नल अजय रैना ने क्या कहा?
सरवर की मौत की खबर सामने आने के बाद रिटायर्ड कर्नल अजय रैना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तंज कसते हुए लिखा, “लगता है किसी ने सीढ़ियों पर तेल लगा दिया। बहुत दुखद।”
उनकी यह टिप्पणी मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाने वाली थी। हालांकि, इस टिप्पणी से घटना के पीछे किसी साजिश की पुष्टि नहीं होती।
मौत की खबर क्यों अहम है?
अबू हाशिम को लश्कर-ए-तैयबा के वित्तीय नेटवर्क से जुड़ा अहम चेहरा माना जाता था। आतंकी संगठनों के लिए फंडिंग जरूरी होती है, क्योंकि इसी से उनकी गतिविधियों के लिए पैसा जुटाया जाता है।
उसकी मौत के बाद संगठन से जुड़े लोगों ने शोक जताया है। लेकिन मौत की असली वजह को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। आधिकारिक जानकारी सामने आने तक इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
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