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इटली में हिंसक प्रदर्शन के बाद भारतीयों के लिए एडवाइजरी, दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

इटली के मिलान में महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर हुए प्रदर्शन हिंसक हो गए। इसके बाद भारत ने वहां रह रहे नागरिकों को सतर्क रहने, प्रदर्शन वाली जगहों से दूर रहने और स्थानीय खबरों पर नजर रखने की सलाह दी है।

इटली में हिंसक प्रदर्शन के बाद भारतीयों के लिए एडवाइजरी, दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

यूरोपीय देश इटली में बढ़ती महंगाई और सरकारी सेवाओं को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दे रहा है। मिलान समेत कई शहरों में प्रदर्शन हुए। शुरुआत में लोग अपनी मांगों को लेकर जुटे थे, लेकिन कुछ जगहों पर हालात बिगड़ गए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं सामने आईं।

इन घटनाओं को देखते हुए भारत ने इटली में रहने वाले अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। भारतीय दूतावास ने लोगों से कहा है कि वे भीड़भाड़ वाली जगहों और जहां प्रदर्शन हो रहे हैं, वहां जाने से बचें। साथ ही, स्थानीय समाचारों पर नजर रखें, ताकि किसी भी नए घटनाक्रम की जानकारी समय पर मिल सके।

यह सलाह खास तौर पर उन भारतीय नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो इटली में रहते हैं, पढ़ाई करते हैं, नौकरी करते हैं या वहां घूमने गए हैं।

भारतीय दूतावास ने क्या सलाह दी?

इटली में भारतीय दूतावास ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी संदेश में कहा कि पिछले सप्ताह इटली के कुछ शहरों में प्रदर्शन और विरोध मार्च हुए थे।

दूतावास ने भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने, प्रदर्शन वाली जगहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने तथा स्थानीय समाचारों के जरिए स्थिति की जानकारी लेते रहने की सलाह दी।

इसका सीधा मतलब है कि अगर किसी इलाके में प्रदर्शन हो रहा है, तो वहां केवल देखने या रास्ता छोटा होने के कारण जाने से बचना चाहिए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण हो, तब भी हालात अचानक बदल सकते हैं। अगर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प शुरू हो जाए, तो आसपास मौजूद लोगों के लिए सुरक्षित जगह तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है।

दूतावास ने आपात स्थिति के लिए रोम स्थित भारतीय दूतावास और मिलान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के फोन नंबर भी जारी किए हैं।

इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर:
भारतीय दूतावास, रोम: +39 331 614 2085
भारत का वाणिज्य दूतावास, मिलान: +39 3881647527
भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि इन नंबरों को अपने फोन में सेव रखें और किसी आपात स्थिति में संबंधित कार्यालय से संपर्क करें।

मिलान में प्रदर्शन हिंसक कैसे हुए?
मिलान में सप्ताहांत के दौरान 5,000 से ज्यादा लोगों के जुटने की खबर सामने आई। प्रदर्शन की वजह बढ़ती महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर असंतोष थी। लोगों की शिकायत थी कि रोजमर्रा का खर्च बढ़ रहा है, जबकि जरूरी सेवाओं की स्थिति को लेकर भी नाराजगी है।

प्रदर्शन के दौरान कुछ समूहों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर, कूड़ेदान और कुर्सियां फेंकीं। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। शहर के मध्य हिस्से में दुकानों को नुकसान पहुंचने और सामान लूटे जाने की घटनाएं भी सामने आईं।

इन घटनाओं से आम लोगों, दुकानदारों और वहां मौजूद पर्यटकों को परेशानी हुई। कई दुकानों को बंद करना पड़ा और कुछ इलाकों में लोगों को वहां से निकलने के लिए दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ा।

यहां एक बात समझना जरूरी है कि प्रदर्शन में शामिल हर व्यक्ति हिंसा में शामिल नहीं था। लोग अपनी आर्थिक परेशानियों और सरकारी सेवाओं से जुड़ी शिकायतों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन कुछ लोगों की हिंसक गतिविधियों के कारण हालात बिगड़ गए।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने क्या कहा?
हिंसा के बाद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने प्रदर्शन के नाम पर तोड़फोड़ और लूटपाट करने वालों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करना लोगों का अधिकार है, लेकिन शहरों को नुकसान पहुंचाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।

मेलोनी ने सोमवार को सुरक्षा अधिकारियों के साथ आपात बैठक भी बुलाई, ताकि हिंसा रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे की रणनीति तय की जा सके।

सरकार के सामने चुनौती यह है कि वह लोगों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार भी दे और हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी करे। अगर विरोध प्रदर्शन के दौरान दुकानों, सार्वजनिक संपत्ति या पुलिस को निशाना बनाया जाता है, तो उससे आम लोगों की सुरक्षा और कारोबार दोनों प्रभावित होते हैं।

क्या दूसरे यूरोपीय देशों में भी ऐसे प्रदर्शन हो रहे हैं?
इटली में हुई हिंसा ऐसे समय सामने आई है, जब फ्रांस समेत यूरोप के कुछ दूसरे देशों में भी महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर प्रदर्शन हुए हैं। फ्रांस में कई जगह विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। कुछ अन्य देशों में भी युवाओं के नेतृत्व में प्रदर्शन हुए और कुछ स्थानों पर हिंसा की खबरें आईं।

हालांकि, हर देश में प्रदर्शन की वजह और परिस्थितियां एक जैसी नहीं हैं। कहीं महंगाई और जीवन-यापन का खर्च बड़ा मुद्दा है, तो कहीं शिक्षा, सरकारी सेवाओं और बजट से जुड़ी नीतियों को लेकर नाराजगी है।

इन घटनाओं से यह जरूर पता चलता है कि आर्थिक दबाव और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर असंतोष कई देशों में राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बना हुआ है। लेकिन अलग-अलग देशों की परिस्थितियों को समझे बिना सभी प्रदर्शनों को एक ही आंदोलन का हिस्सा मानना सही नहीं होगा।

इटली में रहने वाले भारतीयों को क्या करना चाहिए?

भारतीय दूतावास की सलाह का उद्देश्य लोगों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें सावधान करना है। ऐसे हालात में कुछ आसान कदम मददगार हो सकते हैं।

-प्रदर्शन वाले इलाकों और बड़ी भीड़ से दूर रहें।

-बाहर निकलने से पहले स्थानीय समाचार और प्रशासन की सलाह देख लें।

-अगर किसी इलाके में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो रही हो, तो वहां जाने से बचें।

-अपने फोन में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास के हेल्पलाइन नंबर सेव रखें।

-आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें और जरूरत पड़ने पर भारतीय दूतावास से संपर्क करें।

सबसे जरूरी बात: इटली में जारी प्रदर्शन का मतलब यह नहीं है कि हर शहर में हालात खराब हैं। भारतीय दूतावास ने खास तौर पर प्रदर्शन और भीड़भाड़ वाले इलाकों से सावधानी बरतने को कहा है। इसलिए स्थानीय स्थिति की जानकारी लेकर ही बाहर निकलना बेहतर है।

✓ संपादकीय जाँच: प्रूफ़रीडिंग DP Singh · प्रकाशन की मंज़ूरी DP Singh · हमारे मानक

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